ओडिशा: सिविल सेवा परीक्षा में प्रयासों की सीमा खत्म, 9वीं-10वीं के छात्रों को भी मिलेंगी मुफ्त किताबें
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के युवाओं और छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अब ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रयासों की कोई सीमा…
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के युवाओं और छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अब ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रयासों की कोई सीमा नहीं होगी, और कक्षा 9 व 10 के छात्रों को भी सरकार की ओर से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जाएंगी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शिक्षा, युवा रोजगार और कृषि क्षेत्र में कई अन्य पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले केवल कक्षा 8 तक के छात्रों को मुफ्त किताबें मिलती थीं, लेकिन अब इस योजना का विस्तार किया जा रहा है।
शिक्षा और युवाओं पर ज़ोर
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि राज्य सरकार ने दूरदराज के जिलों में 18 नए सरकारी कॉलेज और राज्य में चार नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। सिविल सेवा के उम्मीदवारों को राहत देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र अवसर पर, मैं घोषणा करता हूं कि ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम छह प्रयासों की मौजूदा सीमा को समाप्त किया जा रहा है। अब से, उम्मीदवारों को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा तक परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी।”
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने निहित स्वार्थ वाले समूहों द्वारा युवाओं को गुमराह करने के प्रयासों पर चिंता भी व्यक्त की।
किसानों और राज्य के विकास पर संबोधन
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन देते हुए धान खरीद से जुड़ी एक भ्रांति को दूर किया। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं आज अपने किसान भाइयों और बहनों को यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि धान की खरीद के लिए एग्री-स्टैक पंजीकरण और पी-पीएएस पंजीकरण का कोई संबंध नहीं है। हर साल की तरह इस साल भी पी-पीएएस पंजीकरण किया जाएगा और धान खरीद कार्यक्रम उसी आधार पर संचालित किया जाएगा।”
अपने भाषण की शुरुआत में, सीएम माझी ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलनों के साथ-साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह के सशस्त्र संघर्षों को भी याद किया। माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में भारत सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में दुनिया का एक अग्रणी राष्ट्र बन गया है।
इनपुट: IANS



