परविंदर झोटा हत्याकांड: मजीठिया ने उठाए सरकार पर सवाल, CM मान ने CBI को सौंपी जांच
पंजाब के मनसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोपी को हथियार लाइसेंस जारी करने को लेकर…
पंजाब के मनसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोपी को हथियार लाइसेंस जारी करने को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परिवार की मांग का सम्मान करते हुए मामले की जांच CBI को सौंप दी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सवाल उठाया कि झोटा के हत्यारोपी अश्विनी कुमार को हथियार का लाइसेंस कथित तौर पर डॉ. निर्मल ओसेप्पाचन ने जारी किया था। उन्होंने दावा किया कि यह लाइसेंस तब जारी हुआ जब ओसेप्पाचन मानसा के एडीसी (जनरल) के पद पर थे। मजीठिया ने सवाल किया कि ऐसे अधिकारी को बाद में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा का OSD क्यों नियुक्त किया गया।
CBI करेगी जांच, CM मान का ऐलान
इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'X' पर जानकारी दी कि सरकार परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने लिखा, "परिवार की मांग का सम्मान करते हुए हम यह मामला सीबीआई को सौंप रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा, "ड्रग तस्करों के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक है। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जो भी कड़े कदम उठाने जरूरी होंगे, हम उनसे पीछे नहीं हटेंगे।" यह मामला ऐसे समय में गरमाया है जब राज्य में ड्रग तस्करी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गृह मंत्री अमित शाह पंजाब का दौरा कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



