पालघर बाढ़: 19,000 से ज़्यादा घरों का सर्वे पूरा, प्रभावितों को ₹32 लाख की पहली किस्त जारी
महाराष्ट्र के पालघर जिले में जुलाई महीने में हुई भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के बाद अब प्रशासन राहत कार्यों में जुट गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 19,026 बाढ़-प्रभावित घरों…
महाराष्ट्र के पालघर जिले में जुलाई महीने में हुई भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के बाद अब प्रशासन राहत कार्यों में जुट गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 19,026 बाढ़-प्रभावित घरों का सर्वे (पंचनामा) पूरा कर लिया गया है और प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक और जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में राहत और पुनर्वास कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कोई भी योग्य व्यक्ति सहायता से वंचित नहीं रहेगा और सभी को समय पर मदद मिलेगी।
जान-माल का भारी नुकसान
इस प्राकृतिक आपदा में जिले में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक, बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 20 लोगों की जान चली गई। इनमें से 12 परिवारों को सरकारी सहायता के लिए पात्र पाया गया है, जिन्हें प्रति परिवार 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। अब तक 8 परिवारों को कुल 32 लाख रुपए की राशि वितरित भी की जा चुकी है।
इसके अलावा, सर्वे में घरों और पशुधन को हुए नुकसान का भी आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार:
- पक्के घर: 44 पूरी तरह और 421 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।
- कच्चे मकान और झोपड़ियां: 126 कच्चे मकान और 10 झोपड़ियां प्रभावित।
- पशुधन: 7 बड़े दुधारू पशुओं, 23 छोटे दुधारू पशुओं और 6 बड़े कार्यशील पशुओं की मौत हुई।
राहत कार्यों की समीक्षा और भविष्य की चिंता
राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि और पशुपालन समेत कई विभागों ने मिलकर नुकसान का सर्वे पूरा किया है। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि उप-विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें कर राहत वितरण की समीक्षा की जा रही है। 23 जुलाई को हुई बारिश से प्रभावित इलाकों का सर्वे भी पानी उतरने के बाद पूरा किया जाएगा।
इस बीच, पालक मंत्री गणेश नाईक ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए कहा कि बदलते मौसम के कारण आपदाओं की तीव्रता बढ़ रही है। उन्होंने एक कपड़ा व्यापारी का उदाहरण दिया, जिसे 40 से 50 लाख का नुकसान हुआ। उन्होंने नागरिकों और कारोबारियों से अपनी संपत्ति का बीमा कराने की अपील की ताकि भविष्य में ऐसे आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
इनपुट: IANS



