MPSC सचिव महेंद्र हरपालकर को पद से हटाया गया, अध्यक्ष के इस्तीफे पर अड़े छात्र
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को महाराष्ट्र…
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को महाराष्ट्र के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर MPSC सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपालकर की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
यह फैसला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विरोध कर रहे MPSC उम्मीदवारों के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच बुधवार को हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद आया है। आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों से हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समय से पहले खत्म की जा रही है। उन्हें MPSC अध्यक्ष की सहमति से तत्काल किसी नामित अधिकारी को अपना कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया गया है।
छात्रों का प्रदर्शन और सरकार के आश्वासन
पुणे में MPSC उम्मीदवार लंबे समय से परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए जवाबदेही और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए MPSC सचिव का तबादला तुरंत किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग कानूनी रूप से उचित या न्यायसंगत नहीं है।
छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कुछ और महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। इनमें MPSC के पदाधिकारियों और सदस्यों के कामकाज की न्यायिक जांच का आदेश देना और भर्ती परीक्षाओं को पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से ही जारी रखने का आश्वासन शामिल है। इन आश्वासनों के बाद छात्र संगठनों ने अपना नियोजित आंदोलन स्थगित कर दिया है।
विपक्ष का समर्थन और आगे की रणनीति
सरकार के इस कदम का NCP-SP विधायक रोहित पवार ने स्वागत किया है, जो पुणे में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "MPSC सचिव महेंद्र हरपालकर का बहुप्रतीक्षित तबादला आखिरकार हो गया—इसके लिए सरकार का आभार! अब सिर्फ एक ही मुख्य मुद्दा बचा है, और वो है भ्रष्ट अध्यक्षों को हटाना..!" उन्होंने सरकार से अध्यक्ष भीमनवार को भी तत्काल हटाने की मांग की।
रोहित पवार ने प्रदर्शनकारियों के साथ सत्याग्रह जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि अध्यक्ष का इस्तीफा उनकी मुख्य मांग है और इसे हासिल किए बिना वे पीछे नहीं हटेंगे। NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने भी विरोध स्थल का दौरा कर छात्रों से बातचीत की, जबकि शिवसेना-UBT सांसद संजय राउत के भी शुक्रवार शाम वहां पहुंचने की खबर थी।
इनपुट: IANS



