अदियाला जेल में इमरान खान से फिर नहीं मिल पाया परिवार, अदालती आदेशों के उल्लंघन का आरोप
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को एक बार फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। समाचार एजेंसी IANS ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि यह घटना…
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को एक बार फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। समाचार एजेंसी IANS ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि यह घटना इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसमें अधिकारियों को जेल नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया था।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि जेल प्रशासन का यह रवैया सुप्रीम कोर्ट और इस्लामाबाद हाईकोर्ट, दोनों के आदेशों का खुला उल्लंघन है। पीटीआई ने एक बयान में कहा कि अदालती आदेशों के बावजूद परिवार को मुलाकात से रोकना न्यायपालिका की अवमानना है और यह एक बेहद गंभीर मामला है।
साढ़े चार घंटे इंतजार के बाद लौटीं बहनें
पीटीआई के वकील एडवोकेट अवैस यूनुस चौधरी ने बताया कि मंगलवार को इमरान खान की तीन बहनें उनसे मिलने के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक अदियाला जेल के बाहर इंतजार करती रहीं। 'डॉन' अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इतने लंबे इंतजार के बाद भी जेल अधिकारियों ने उन्हें मुलाकात की इजाजत नहीं दी। खान की पत्नी बुशरा बीबी से भी उनके परिवार को मिलने नहीं दिया गया।
स्वास्थ्य जांच और अदालती निर्देश
यह मामला अगस्त में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक निर्देश से भी जुड़ा है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अगस्त को शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने और उनके परिवार को मिलने की अनुमति देने का आदेश दिया था।
हालांकि, इस आदेश के बावजूद 21 अगस्त को अधिकारी उन्हें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स) ले गए। वहां डॉक्टरों द्वारा उन्हें "मेडिकली फिट" बताए जाने के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। इसी मामले में खान की बहन द्वारा दायर अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया था।
गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सजा हुई है, जिसे उनकी पार्टी राजनीति से प्रेरित बताती है।
इनपुट: IANS



