इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास से राहत, इस्लामाबाद हाई कोर्ट का जेल प्रशासन को सख्त निर्देश
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जेल में एकांत कारावास में रखे जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने…
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जेल में एकांत कारावास में रखे जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि दंपति को एकांत कारावास में न रखा जाए और उन्हें जेल नियमों के अनुसार सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आदेश जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने सुनाया।
अदालत ने जेल प्रशासन को यह भी आदेश दिया है कि 73 वर्षीय इमरान खान को उनके बेटों से फोन पर बात करने की व्यवस्था की जाए। खान, जो अगस्त 2023 से जेल में हैं, और उनकी पत्नी बुशरा बीबी भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में सजा काट रहे हैं। उनके परिवार और समर्थकों ने लगातार उन पर पाबंदियां लगाने और उचित सुविधाएं न देने का आरोप लगाया है, हालांकि सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
कैदियों के अधिकार और अदालत के निर्देश
जस्टिस सूमरो ने इमरान खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका द्वारा दायर याचिकाओं पर यह फैसला दिया। अदालत ने अपने आदेश में जेल अधीक्षक को कई स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- खान के परिवार के सदस्यों को नियमों के तहत उनसे मिलने दिया जाए।
- उन्हें नियमित रूप से अखबार और किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
- जेल मैनुअल के अनुसार उचित चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
कोर्ट ने अदियाला जेल अधीक्षक को इन सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और 15 दिनों के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
एकांत कारावास पर जेल प्रशासन की दलील
अदालत में सुनवाई के दौरान अदियाला जेल के सुपरिटेंडेंट साजिद बेग ने बताया था कि इमरान खान को चौबीसों घंटे एक ही सेल में बंद नहीं रखा जाता। उनके मुताबिक, खान को सात सेल वाले एक कंपाउंड में घूमने-फिरने की सुविधा दी गई है। जेल अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बुशरा बीबी को भी अलग रखने की बात कही थी। खान और उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' अपने खिलाफ चल रहे मामलों को लगातार राजनीति से प्रेरित बताती रही है।
इनपुट: IANS



