कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी दरक गयी कांग्रेस की जमीन

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कांग्रेस पार्टी के लिए मुसीबतों का पहाड़ कम होने का नाम ही नही ले रहा है. पहले ही कर्नाटक में राजनीतिक संकट से पार्टी जूझती हुई नजर आ रही है, इसी के बीच कर्नाटक के पड़ोसी राज्य गोवा में भी उसी जमीन दरक गयी और पार्टी को ख़बर तक नही हुई. 

असल में गोवा में कांग्रेस के कुल 15 विधायक थे, जिनमे से 10 ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिया है. इस तरह से 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में अब भाजपा के कुल 27 विधायक हो गये हैं. 

मालूम हो कि बुधवार यानि कल शाम को नेता विरोधीदल चंद्रकांत बाबू कावेलकर के नेतृत्व में 10 विधायको का समूह विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटेनकर के पास पहुंचा और अपना विलय पत्र सौंप दिया. इन विधायकों के विलय पत्र सौंपने के वक़्त गोवा के मुख्यमंत्री समेत विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो भी उपस्थित थे. 

इस विलय के बाद चंद्रकांत बाबू ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों के बीच में जाना है लेकिन विकास का कार्य नही हो पा रहा है. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में इतनी पड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन वक़्त पर मौक़ा मिलने पर भी सरकार बनाने में असमर्थ रही. 

आपको बता दें कि गोवा के लिहाज से ऐसा पहली बार है कि भाजपा इतनी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 14 और कांग्रेस पार्टी को 17 सीटें मिली थी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी अपनी सरकार बनाने में कामयाब नही हो पायी है. 

इसके पहले चुनाव के तुरंत बाद भी कांग्रेस के 3 विधायको ने इस्तीफ़ा दे दिया था, और मनोहर पर्रीकर की मौत के बाद पणजी भी सीट खाली हो गयी थी, इन चारों सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की और फिर अब 10 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा के समर्थन में कुल 33 विधायक हो गयी हैं.