दिल्ली: क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के बहाने ठगी, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह ख
पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देता था और फिर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे निकाल लेता था।
यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के करावल नगर निवासी अमित कुमार ने करीब 1.31 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक फोन आया जिसमें कॉलर ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की पेशकश की। झांसे में आकर उन्होंने अपनी कार्ड की जानकारी साझा कर दी, जिसके बाद धोखेबाजों ने उनके खाते से पैसे निकाल लिए।
ऐसे खुला धोखाधड़ी का राज
शिकायत मिलने पर उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण के जरिए जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी गई रकम का इस्तेमाल 'ब्लिंकिट' पर खरीदारी करने के लिए किया गया था, जिसमें एक सैमसंग मोबाइल फोन और दो पावर बैंक खरीदे गए थे।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अनीश गुप्ता नाम के एक व्यक्ति की पहचान की, जो शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा था।
मुख्य सरगना समेत छह आरोपी गिरफ्त में
अनीश गुप्ता को पकड़ने के बाद जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला में एक किराए के फ्लैट से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के बारे में बताया। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उस ठिकाने पर छापा मारा और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, नितिन सोलंकी और सिमरन इस फर्जी कॉल सेंटर को चला रहे थे, जबकि इशिका और ध्रुव कॉलर के तौर पर काम करते थे। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी (25), ध्रुव (21), अनीश गुप्ता (20), सिमरन (24), इशिका (25) और बॉबी श्रेष्ठ (22) के रूप में हुई है। जांच में यह भी पता चला है कि ध्रुव और बॉबी श्रेष्ठ पहले भी साइबर अपराध के मामलों में शामिल रह चुके हैं।
आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और धोखाधड़ी के पैसों से खरीदे गए दो पावर बैंक बरामद किए गए हैं। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य पीड़ितों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



