नोएडा: शेयर बाज़ार और IPO में बंपर मुनाफे का झांसा, तीन लोगों ने गंवाए 1.38 करोड़ रुपये
नोएडा में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर तीन अलग-अलग लोगों को अपना निशाना बनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार, आईपीओ (IPO) और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मोटे…
नोएडा में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर तीन अलग-अलग लोगों को अपना निशाना बनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार, आईपीओ (IPO) और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मोटे मुनाफे का लालच देकर इन तीनों से कुल 1.38 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप का इस्तेमाल किया।
शुरुआत में छोटा-मोटा मुनाफा दिखाकर उनसे बड़ी रकम निवेश कराई गई, जिसे बाद में अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया गया। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ी ठगी: 72 लाख रुपये गंवाए
पुलिस के मुताबिक, सबसे बड़ी ठगी का शिकार सेक्टर-78 के महागुन मॉडर्न निवासी अमीन उल्ला खान हुए। उन्हें सितंबर 2025 में फेसबुक मैसेंजर पर संपर्क किया गया और शेयर बाजार में रोजाना भारी मुनाफे का लालच देकर एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया।
भरोसा बनाने के लिए ठगों ने उन्हें शुरुआत में 53 हजार रुपये निकालने भी दिए, लेकिन फिर उसे दोबारा निवेश करा लिया। 16 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 के बीच खान ने अपने दो बैंक खातों से 72 लाख रुपये से अधिक की रकम जालसाजों के बताए खातों में भेज दी। बाद में जब उन पर आईपीओ के नाम पर 18.87 लाख और फिर 30 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया गया तो उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ।
फर्जी ऐप और टैक्स नोटिस का जाल
एक अन्य मामले में, सेक्टर-78 स्थित द हाइड पार्क के निवासी मोनिश कुमार घोष से 52.49 लाख रुपये ठगे गए। उन्हें जनवरी 2026 में नामी कंपनियों के नाम पर बने व्हाट्सऐप ग्रुप और 'टीसीजी प्लस' नामक एक फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेश करने के लिए फंसाया गया।
जब घोष ने अपने पांच लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तो उनसे 20% सर्विस चार्ज और फिर 21.33 लाख रुपये टैक्स के रूप में मांगे गए। उन्हें डराने के लिए एक फर्जी आयकर नोटिस भी भेजा गया। शक होने पर जब उन्होंने असली कंपनी से संपर्क किया, तो पता चला कि उनके नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल हो रहा था।
टेलीग्राम पर मिला झांसा, गंवाए 13 लाख
तीसरे मामले में सेक्टर-108 के रहने वाले देवेंद्र सिंह रावत को निशाना बनाया गया। IANS के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, उनसे टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया गया और एक ग्रुप में जोड़कर निवेश पर भारी रिटर्न का वादा किया गया। इस झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
इनपुट: IANS



