नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर में कथित धांधली: निष्पक्ष जांच और दोषियों पर FIR की मांग तेज
नोएडा के इंडोर स्टेडियम के संचालन से जुड़े एक टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि साल 2021 में हुए इस टेंडर में एक कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी के सहारे ठेका हासिल कर लिया…
नोएडा के इंडोर स्टेडियम के संचालन से जुड़े एक टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि साल 2021 में हुए इस टेंडर में एक कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी के सहारे ठेका हासिल कर लिया। अब इस पूरे मामले की एक स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फर्जी अनुभव और गलत प्रोफाइल का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि टेंडर की तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक अंक पाने के लिए कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, गलत कोच प्रोफाइल और भ्रामक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। अविनाश सिंह ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए तथ्यों ने खेल जगत में चिंता पैदा कर दी है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इंडोर स्टेडियम के टेंडर के लिए आउटडोर खेलों के कोच की प्रोफाइल का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ का भी दावा
यह भी आरोप है कि कंपनी ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों व कोचों के नाम और उनकी उपलब्धियों का इस्तेमाल उनकी सहमति या जानकारी के बिना किया। अविनाश सिंह के अनुसार, यदि यह सच है तो यह उन खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा के साथ एक गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि इन सभी दस्तावेजों की सत्यता और संबंधित लोगों की सहमति की गहन जांच होनी चाहिए।
पारदर्शिता पर उठे सवाल, भविष्य के लिए भी मांग
युवा क्रांति सेना ने कहा कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में नोएडा प्राधिकरण की सभी टेंडर प्रक्रियाओं को और पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। सुझाव दिया गया है कि भविष्य के टेंडरों में खिलाड़ियों और विशेषज्ञों की प्रोफाइल, उनकी लिखित सहमति और वास्तविक संबद्धता का स्वतंत्र रूप से सत्यापन अनिवार्य किया जाए, ताकि ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।
इनपुट: IANS



