राज्यसभा में सात नए सांसदों ने ली शपथ, छह राज्यों का प्रतिनिधित्व हुआ और सशक्त
सोमवार, 29 जून को संसद भवन के राज्यसभा कक्ष में एक शपथ ग्रहण समारोह के साथ छह राज्यों के सात सांसद आधिकारिक रूप से उच्च सदन के सदस्य बन गए। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नव-नि
सोमवार, 29 जून को संसद भवन के राज्यसभा कक्ष में एक शपथ ग्रहण समारोह के साथ छह राज्यों के सात सांसद आधिकारिक रूप से उच्च सदन के सदस्य बन गए। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नव-निर्वाचित और पुनर्निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
किन-किन सांसदों ने ली शपथ?
IANS से मिली जानकारी के अनुसार, शपथ लेने वाले सांसदों में गुजरात से जितेंद्र मेघजीभाई कंजरिया और मानसिंह मेरामण परमार, कर्नाटक से एम. नागराजा, मध्य प्रदेश से तरुण चुघ, महाराष्ट्र से राजेंद्र हीरालाल जैन, मणिपुर से अधिकारिमायुम शारदा देवी और राजस्थान से डॉ. अलका सिंह शामिल रहीं। गुजरात से सर्वाधिक दो सदस्य पहुंचे, जबकि शेष पाँच राज्यों — कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर और राजस्थान — से एक-एक प्रतिनिधि राज्यसभा में शामिल हुए।
भाषाई विविधता में ली गई शपथ
समारोह में भारत की भाषाई विविधता की झलक भी देखने को मिली। चार सदस्यों ने हिंदी में शपथ ली, जबकि कर्नाटक के एम. नागराजा ने कन्नड़ में, एक अन्य सदस्य ने पंजाबी में और मणिपुर की अधिकारिमायुम शारदा देवी ने मणिपुरी भाषा में शपथ या प्रतिज्ञान किया।
खरगे सहित वरिष्ठ नेताओं की रही उपस्थिति
इसी दिन एक अलग समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। कर्नाटक से पुनर्निर्वाचित खरगे को भी सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सात सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, सदन के नेता एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, तथा राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश और प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद थे। राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी एवं सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि: इसी सप्ताह पहले भी हुई थी शपथ
उल्लेखनीय है कि इससे ठीक चार दिन पहले, 25 जून को भी सभापति सीपी राधाकृष्णन ने नव-निर्वाचित और पुनर्निर्वाचित 10 सदस्यों को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ एवं प्रतिज्ञान दिलाया था, जिनमें भी कई सांसदों ने अपनी मातृभाषा में शपथ ली थी। 29 जून के इस समारोह के साथ संबंधित राज्यों का सदन में प्रतिनिधित्व और मजबूत हो गया है तथा आगामी सत्रों में इन सांसदों की सक्रिय भागीदारी की उम्मीद की जा रही है।
इनपुट: IANS



