नेपाल बाढ़ त्रासदी: मृतकों की संख्या 1250 पार, भारतीय बचाव दल सुरंग में 100 मीटर तक पहुँचा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद हताहतों का आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या 1252 तक पहुँच गई, जबकि 4216 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच, बचाव…
नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद हताहतों का आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या 1252 तक पहुँच गई, जबकि 4216 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच, बचाव कार्यों में सहयोग के लिए पहुँची भारतीय तकनीकी टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे पावर हाउस की सुरंग में 100 मीटर तक खोजबीन पूरी कर ली है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने चिलिमे के पास स्याब्रुबेसी में तैनात भारतीय टीम से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "नेपाली आर्मी के साथ काम कर रही भारतीय तकनीकी टीम ने पहले ही खास उपकरण का इस्तेमाल करके टनल के अंदर 100 मीटर तक खोजबीन कर ली है।"
राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि बचाव दल अब सुरंग में और गहराई तक जाने के लिए भारी उपकरण लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने लिखा, "हमने खुद उस मुश्किल दलदल जैसी जमीन और मुश्किल इलाके को देखा जिसमें हमारी और नेपाली टीमें आगे बढ़ रही हैं। भले ही हालात मुश्किल हैं, लेकिन भारत और नेपाली दोनों टीमें बिना रुके अपना काम जारी रखे हुए हैं।"
त्रासदी का भयावह आँकड़ा
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा का सबसे ज्यादा असर चितवन जिले में हुआ है, जहाँ 355 शव बरामद हुए हैं। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 218, नवलपरासी वेस्ट में 208 और नुवाकोट में 177 मौतें दर्ज की गई हैं। रसुवा जिले, जहाँ से यह आपदा शुरू हुई थी, में 127 लोगों की जान गई है। इसके अलावा गोरखा, धाडिंग और तनाहुन जिलों से भी शव मिले हैं।
लापता लोगों में पनबिजली परियोजनाओं के लगभग 900 कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सरकारी कर्मचारी और कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों से और जानकारी मिलने पर लापता लोगों की संख्या बदल सकती है। अब तक केवल 95 मृतकों की पहचान हो सकी है, जिनके शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



