नेपाल बाढ़: नुवाकोट प्रशासन ने भारत की मदद को सराहा, कहा - संकट में पड़ोसी का सहयोग अहम
नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री के लिए स्थानीय प्रशासन ने आभार व्यक्त किया है। नुवाकोट जिला प्रशासन कार्यालय ने कहा है कि इस मुश्किल समय में…
नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री के लिए स्थानीय प्रशासन ने आभार व्यक्त किया है। नुवाकोट जिला प्रशासन कार्यालय ने कहा है कि इस मुश्किल समय में पड़ोसी देश से मिला सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नुवाकोट जिला प्रशासन कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी होमनाथ दहल ने भारत से मिली मदद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पड़ोसियों से इस तरह का सहयोग मिलना बहुत अच्छी बात है, जैसे आपके प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री को फोन किया और सबकी सलामती की कामना की, पीड़ितों के जल्द स्वस्थ होने और नेपाल के बेहतर भविष्य की कामना की। यह बहुत अच्छी बात है और इस तरह की संकट की स्थिति में पड़ोसी देशों को ऐसा ही करना चाहिए।"
राहत कार्यों और नुकसान का आकलन
दहल ने बताया कि प्रशासन 'सिंगल विंडो सिस्टम' के माध्यम से राहत कार्यों का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि हम सरकारी सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए राहत का सामान इकट्ठा कर रहे हैं। सरकार खुद यह कर रही है और फिर हम बहुत सारे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"
उन्होंने जानकारी दी कि राहत सामग्री को जिला समन्वय समिति भवन में एकत्र कर वार्ड और नगर निगम स्तर की सिफारिशों के आधार पर वितरित किया जा रहा है। बाढ़ से हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हमारे कई स्कूल भवन, कई स्वास्थ्य संस्थान और कई जलविद्युत परियोजनाएं ढह गई हैं और बह गई हैं।"
होमनाथ दहल ने आगे कहा कि बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जमीन, चरागाह और जान-माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि लापता लोगों की सही संख्या का अनुमान लगाना अभी बहुत मुश्किल है।
इनपुट: IANS



