झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज: एनडीए ने राहुल गांधी और I.N.D.I.A. गठबंधन से पूछे सवाल
झारखंड विधानसभा के घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ लिया है। एनडीए के सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और I.N.D.I.A. गठबंधन पर…
झारखंड विधानसभा के घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ लिया है। एनडीए के सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और I.N.D.I.A. गठबंधन पर निशाना साधते हुए उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार का भी दावा किया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने सीधे तौर पर राहुल गांधी से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा, "झारखंड में बच्चों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर राहुल गांधी खामोश क्यों हैं?" प्रसाद ने आरोप लगाया कि राज्य में परीक्षाओं के दौरान नौकरियां बेचे जाने और बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायतें आम हैं। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विपक्ष की घेराबंदी और संसद का हंगामा
एनडीए सांसदों ने न केवल राज्य सरकार पर, बल्कि संसद में विपक्ष के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार विपक्ष की हर बात सुनने और जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी सत्ता पक्ष की बात सुननी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है, इसलिए वहां छात्रों के आंदोलन, भूख हड़ताल और पुलिसिया कार्रवाई पर कांग्रेस की भी जिम्मेदारी बनती है।
वहीं, भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा, "राहुल गांधी और विपक्ष एकदम बैकफुट पर आ गया है जब से झारखंड में आंदोलन शुरू हुआ है तो उन्हीं को लेने के देने पड़े रहे हैं।" उन्होंने विपक्ष पर मानसून सत्र को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति करनी है तो संसद में अपनी बात रखनी चाहिए, सड़कों पर नहीं।
राज्य सरकार पर गंभीर आरोप
कई अन्य भाजपा नेताओं ने भी झारखंड की कांग्रेस-जेएमएम सरकार की कड़ी आलोचना की। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई ने सारी हदें पार कर दी हैं और हेमंत सोरेन सरकार "दबाने की नीति" अपना रही है। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि छात्रों और बेटियों के साथ किया गया व्यवहार शर्मनाक है और कांग्रेस को इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।
इसी तरह, सांसद जगदंबिका पाल ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी हेमंत सोरेन सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस वक्त राहुल गांधी संसद में गृह मंत्री से जवाब मांग रहे थे, उसी वक्त रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज हो रहा था। सांसद भागीरथ चौधरी ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
इनपुट: IANS



