आंध्र प्रदेश: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव तट से टकराया, कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय इलाकों में गुरुवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। इसका कारण बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) है, जो गुरुवार तड़के कलिंगपट्टनम और पोलाकी के बीच तट से…
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय इलाकों में गुरुवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। इसका कारण बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) है, जो गुरुवार तड़के कलिंगपट्टनम और पोलाकी के बीच तट से टकराया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह लैंडफॉल बुधवार देर रात शुरू हुआ और करीब दो घंटे तक चला, जिससे कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ।
इस मौसमी घटना के कारण श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। नतीजतन, कई निचले इलाकों में पानी भर गया और सड़क यातायात में भी बाधा उत्पन्न हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, यह गहरा दबाव रात 11 बजे से 1 बजे के बीच तट से टकराया, उस दौरान हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जो कभी-कभी 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
प्रशासन की तैयारी और चेतावनी
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने बताया कि यह सिस्टम अगले 12 घंटों तक 'गंभीर दबाव' (Severe Depression) के रूप में बना रह सकता है और उसके बाद अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। APSDMA के एमडी प्रखर जैन ने लोगों से लैंडफॉल के बाद 48 घंटों तक सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक बाढ़ के खतरे के प्रति आगाह किया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तैनात की हैं। बचाव और राहत कार्यों के लिए श्रीकाकुलम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों में एसडीआरएफ की पांच और एनडीआरएफ की चार टीमें भेजी गई हैं। इसके अलावा, सात जिलों में शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टरों के साथ एक टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने अधिकारियों को बारिश कम होने तक हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया और कहा कि जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन, पानी, दवा और बिजली की आपूर्ति बाधित न हो। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि समुद्र में गए मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
इनपुट: IANS



