गुजरात: अनानास की आड़ में गांजा तस्करी, सूरत की अदालत ने दो दोषियों को सुनाई 10 साल की कठोर सज़ा
गुजरात के सूरत में अनानास की खेप के नीचे छिपाकर 500 किलो से ज़्यादा गांजा तस्करी करने के एक मामले में दो लोगों को 10-10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई गई है। सूरत की एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने…
गुजरात के सूरत में अनानास की खेप के नीचे छिपाकर 500 किलो से ज़्यादा गांजा तस्करी करने के एक मामले में दो लोगों को 10-10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई गई है। सूरत की एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने 3 अक्टूबर, 2026 को दिए अपने फैसले में दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी शेख अकील शेख और गुजरात के सूरत निवासी अयाज शेख को दोषी ठहराया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की अहमदाबाद इकाई ने इन्हें जून 2022 में एक खुफिया सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था।
छापेमारी और गांजे की बरामदगी
एनसीबी अधिकारियों ने 9 जून, 2022 को सूरत जिले के मांगरोल स्थित लिंडियाद गांव में एक निगरानी अभियान चलाया था। टीम ने मिथिला इंडस्ट्रीज के सामने दो लोगों को एक टाटा ट्रक से महिंद्रा बोलेरो पिकअप गाड़ी में कुछ सामान ट्रांसफर करते हुए पकड़ा। जब वाहनों की तलाशी ली गई, तो अनानास की खेप के नीचे छिपाकर रखी गईं 17 प्लास्टिक की बोरियां मिलीं। इन बोरियों में कुल 101 पैकेट थे, जिनमें 523.450 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था।
ओडिशा से गुजरात तक फैला था नेटवर्क
एनसीबी की जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, जिसके तहत व्यावसायिक मात्रा में गांजा ओडिशा से गुजरात लाया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद, दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत अदालत में शिकायत दर्ज की गई। विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को इस गंभीर अपराध का दोषी पाया। एनसीबी ने नशे के कारोबार के खिलाफ लड़ाई में जनता से सहयोग की अपील दोहराई है और सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1933 जारी किया है, जिस पर जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है।
इनपुट: IANS



