कृषि विज्ञान में बड़ी कामयाबी: वैज्ञानिकों ने तैयार किया धान का पहला 3D एटलस, बढ़ेगी पैदावार
चीन के वैज्ञानिकों ने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने धान यानी चावल के पौधे के पूरे जीवन चक्र का दुनिया का पहला 3D स्पैटियोटेम्पोरल सेल एटलस तैयार किया है…
चीन के वैज्ञानिकों ने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने धान यानी चावल के पौधे के पूरे जीवन चक्र का दुनिया का पहला 3D स्पैटियोटेम्पोरल सेल एटलस तैयार किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शोध से भविष्य में धान की पैदावार बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए सटीक ब्रीडिंग (प्रजनन) का नया रास्ता खुल सकता है।
यह एटलस धान के बीज के अंकुरित होने से लेकर पौधे के विकास, फूल आने और फिर दाना बनने तक की हर अवस्था को बेहद सूक्ष्म स्तर पर दिखाता है। चीन के कई शोध संस्थानों ने मिलकर इस पर काम किया और इसके नतीजों को 6 अक्टूबर को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जर्नल 'सेल' में प्रकाशित किया गया।
क्या है यह 3D एटलस?
इस अनूठे एटलस को बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने तीन उन्नत तकनीकों को जोड़ा है: जीनोम सीक्वेंसिंग, सिंगल-सेल सीक्वेंसिंग और स्पेस ट्रांसक्रिप्टोम सीक्वेंसिंग। सरल शब्दों में कहें तो इन तकनीकों की मदद से वैज्ञानिक पौधे के विकास के दौरान हर कोशिका के स्तर पर होने वाले आनुवंशिक बदलावों को देख और समझ सकते हैं।
फसल सुधार में कैसे मिलेगी मदद?
इस शोध की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे धान के विकास के हर चरण में सक्रिय होने वाले विशेष जीन्स (कार्यात्मक जीन) की सटीक जगह और समय का पता लगाया जा सकता है। याचोउवान राष्ट्रीय प्रयोगशाला के मुताबिक, इस जानकारी का इस्तेमाल करके वैज्ञानिक 'डिज़ाइनर ब्रीडिंग' के ज़रिए तेज़ी से बेहतर और स्थिर पैदावार वाली किस्में विकसित कर सकेंगे। यह कृषि क्षेत्र के लिए एक नई और शक्तिशाली तकनीक साबित हो सकती है।
इनपुट: IANS



