पश्चिम बंगाल: खड़गपुर में दिनदहाड़े छात्र को गोली मारी, आपसी रंजिश का शक, 5 गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर में बुधवार को एक स्कूली छात्र को गोली मार दी गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घायल छात्र अक्षय झा की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका कोलकाता के एक…
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर में बुधवार को एक स्कूली छात्र को गोली मार दी गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घायल छात्र अक्षय झा की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में दो गुटों के बीच विवाद की आशंका जताते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
घटना बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे खड़गपुर के वार्ड नंबर 20 स्थित ओल्ड सेटलमेंट के रेलवे क्षेत्र में हुई। अक्षय झा अपने दोस्त सागर कुमार के साथ साइकिल पर पीछे बैठा था, तभी चलती साइकिल पर गोलियां चलाई गईं। एक गोली अक्षय की छाती में लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया।
जांच में जुटी पुलिस, आपसी रंजिश की आशंका
खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन इस मामले की गहन जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह गोलीबारी दो गुटों के बीच हुए किसी विवाद का नतीजा हो सकती है। पश्चिम मिदनापुर की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने बताया कि मामले की जांच के लिए सात पुलिस टीमें गठित की गई हैं और इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय पार्षद डी. बसंती ने बताया कि घायल छात्र रेलवे स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी का बेटा है। उन्होंने दावा किया कि बदमाशों ने दो गोलियां चलाई थीं और वे बिना नंबर प्लेट वाले स्कूटर पर सवार थे। पार्षद ने यह भी संदेह जताया कि हमलावरों का असली निशाना अक्षय का दोस्त सागर कुमार हो सकता है, जिसके पिता प्रसाद की पहले गोलीबारी की एक घटना में मौत हो चुकी थी।
घटना को लेकर बना हुआ है भ्रम
इस गोलीकांड को लेकर कुछ विरोधाभासी बातें भी सामने आ रही हैं। साइकिल चला रहे युवक का कहना है कि उसे नहीं पता कि गोली किसने और क्यों चलाई। वहीं, कुछ स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्होंने गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनी। इन दावों के बावजूद पुलिस को यकीन है कि गोलीबारी हुई है और वे इसके पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटे हैं।
इनपुट: IANS



