BRICS देशों के परिवहन मंत्री नागपुर में जुटेंगे, भारत करेगा तीसरी बैठक की मेजबानी
भारत इस सप्ताह नागपुर में ब्रिक्स देशों के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 11 और 12 जुलाई को होने वाली यह तीसरी बैठक परिवहन क्षेत्र में बुन
भारत इस सप्ताह नागपुर में ब्रिक्स देशों के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 11 और 12 जुलाई को होने वाली यह तीसरी बैठक परिवहन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और आवागमन से जुड़ी प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगी। इस आयोजन में सदस्य देशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 11 जुलाई को इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह आयोजन ब्रिक्स 2026 के अध्यक्ष के तौर पर भारत की भूमिका का हिस्सा है। भारत की अध्यक्षता का विषय "अनुकूलन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के लिए निर्माण (ब्रिक्स)" है, जो तकनीकी नवाचार और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बैठक का एजेंडा और महत्व
इस दो दिवसीय बैठक के दौरान, वरिष्ठ अधिकारी रूस और ब्राजील की अध्यक्षता में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही, वे सतत विमानन ईंधन (SAF), शहरी परिवहन, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स, डीकार्बोनाइजेशन और AI-आधारित तकनीकों को अपनाने जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच नीतिगत संवाद और सहयोग के लिए एक मजबूत मंच तैयार करना है। रूस और ब्राजील में हुई पहली दो बैठकों के बाद, यह तीसरा आयोजन अंतरराष्ट्रीय परिवहन सहयोग को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
विस्तारित ब्रिक्स और वैश्विक प्रभाव
विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह समूह दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। माना जा रहा है कि इन देशों के बीच परिवहन सहयोग बढ़ने से व्यापार में सुगमता आएगी, लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं अधिक मजबूत होंगी।
यह पहल भारत के 'विकसित भारत 2047' विजन के भी अनुरूप है, जो डेटा-संचालित और जलवायु के प्रति जागरूक परिवहन इकोसिस्टम बनाने पर जोर देता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे समाधानों को अपनाकर भारत का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और हरित आवागमन को बढ़ावा देना है।
इनपुट: IANS



