मंगोलिया: 18 देशों के सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट' में भारतीय सेना ने छोड़ी अपनी छाप
मंगोलिया में आयोजित 18 देशों के बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए विभिन्न देशों की
मंगोलिया में आयोजित 18 देशों के बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को बेहतर बनाना था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 20 जून से 3 जुलाई तक चले इस अभ्यास में 1000 से अधिक सैनिकों ने हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय सेना की भागीदारी बेहद प्रभावशाली रही।
यह अभ्यास मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के फाइव हिल्स प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया गया था। इस वर्ष अभ्यास का यह 23वां संस्करण था, जिसमें कमांड पोस्ट और फील्ड ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां शामिल थीं। भारतीय सेना के दल ने यहां संयुक्त सैन्य गतिविधियों, सामरिक अभ्यासों और सिमुलेशन आधारित परिदृश्यों में भाग लेकर अपनी पेशेवर क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शांति स्थापना पर केंद्रित अभ्यास
यह अभ्यास मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-7 के तहत शांति स्थापना अभियानों के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करने पर केंद्रित था। इसका लक्ष्य विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। इस मंच के माध्यम से भारतीय सैनिकों ने जटिल परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की अपनी क्षमता और बहुराष्ट्रीय बलों के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे अन्य प्रतिभागी देशों पर एक मजबूत छाप पड़ी।
सैन्य कौशल के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी
सैन्य गतिविधियों के अलावा, भारतीय दल ने सांस्कृतिक मंच पर भी भारत की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत किया। 'वसुधैव कुटुम्बकम् - विश्व एक परिवार है' की भावना को दर्शाते हुए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे सभी देशों के प्रतिनिधियों ने खूब सराहा। इस अभ्यास की शुरुआत साल 2003 में अमेरिका और मंगोलिया के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी, जिसे 2006 में बहुराष्ट्रीय स्वरूप दिया गया।
अभ्यास के समापन समारोह में मंगोलिया के रक्षा उपमंत्री मेजर जनरल बासानदाम्बा दश्तसेदेन और सशस्त्र बलों के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव मौजूद रहे। उन्होंने सभी सैनिकों के समर्पण और सहयोग की प्रशंसा की। भारतीय सेना ने कहा है कि इस अभ्यास से मिले अनुभव भविष्य में संयुक्त अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने और भागीदार देशों के बीच विश्वास के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इनपुट: IANS



