ईरान को ट्रंप की चेतावनी: 'तीसरा हमला हुआ तो देश का सफाया हो सकता है'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका को तीसरी बार हमला करना पड़ा तो एक देश के रूप में ईरान का 'पूरी तरह सफाया' हो सकता…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका को तीसरी बार हमला करना पड़ा तो एक देश के रूप में ईरान का 'पूरी तरह सफाया' हो सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की नहीं, बल्कि 'उस स्थिति को टालने की है जो आखिरकार होने ही वाली है'।
यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए जाने के बाद आया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "मुझे लगता है कि इस समय हमारी स्थिति कहीं बेहतर है। होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा लगभग पूरा नियंत्रण है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह गिरावट की ओर है।"
सैन्य कार्रवाई और दावे
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को बताया कि उसने ईस्टर्न टाइम के अनुसार दोपहर 12 बजे ईरान में आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। सेंटकॉम के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हालिया हमलों की कोशिशों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ की गई गतिविधियों के जवाब में की गई थी। फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा, "हमने उनके काफी रडार सिस्टम नष्ट कर दिए, जिनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।"
'बातचीत की कोशिश नहीं'
ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि वह ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि एबीसी न्यूज ने बताया है। अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए भी बेकार है, तो मुझे उसकी बिल्कुल परवाह नहीं है।" उन्होंने ईरान के लोगों का जिक्र करते हुए यह भी सवाल उठाया कि, "आखिर ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ाई लड़ेंगे?" ट्रंप ने बताया कि ताजा हमलों से पहले खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को सूचित कर दिया गया था और अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
इनपुट: IANS



