मानसा: परविंदर झोटा हत्याकांड में इंसाफ कमेटी की 14 मांगें, सीएम और डीजीपी का इस्तीफा भी शामिल
पंजाब के मानसा में हुए परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर तनाव बना हुआ है। मामले की जांच और न्याय की मांग को लेकर बनी इंसाफ कमेटी ने सरकार के सामने 14 सूत्रीय मांग पत्र रखा है, जिसमें मुख्यमंत्री और…
पंजाब के मानसा में हुए परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर तनाव बना हुआ है। मामले की जांच और न्याय की मांग को लेकर बनी इंसाफ कमेटी ने सरकार के सामने 14 सूत्रीय मांग पत्र रखा है, जिसमें मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे जैसी बड़ी मांगें भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कमेटी का कहना है कि इन मांगों पर सहमति बनने के बाद ही आगे कोई बातचीत होगी।
कमेटी ने आरोप लगाया है कि यह हत्या राज्य में सक्रिय नशा तस्कर, पुलिस और राजनीतिक गठजोड़ का नतीजा है। इसी के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए और पंजाब के डीजीपी से अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
जांच और कानूनी कार्रवाई की मांगें
इंसाफ कमेटी ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है, जिसमें हत्या के साथ-साथ कथित तौर पर इसके पीछे के नशा-पुलिस-राजनीति गठजोड़ को भी शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी शर्त रखी है कि परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम परिवार की सहमति से चंडीगढ़ पीजीआई के वरिष्ठ डॉक्टरों का पैनल करे। इसके अलावा, हत्या के आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने की मांग उठाई गई है।
स्थानीय प्रशासन पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा
प्रशासनिक स्तर पर, कमेटी ने मानसा के एसएचओ, डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। हमले में घायल हुए लोगों का इलाज सरकारी खर्च पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में कराने और हर घायल को 20-20 लाख रुपए का तत्काल मुआवजा देने की भी मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, लुधियाना में जान गंवाने वाले युवक जशनदीप के परिवार के लिए भी 20 लाख रुपए के मुआवजे की मांग रखी गई है।
नशे के खिलाफ सख्त कदम और अन्य मांगें
कमेटी ने नशे के खिलाफ कड़े कानून बनाने की वकालत की है। उनकी मांग है कि 75 मिलीग्राम से अधिक प्रेगाबालिन वाले कैप्सूल और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाओं को भी NDPS एक्ट के दायरे में लाया जाए। अन्य मांगों में परविंदर झोटा के पिता और एंटी-ड्रग फोर्स के कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मामले रद्द करना और पूरे पंजाब में इस संघर्ष से जुड़े फ्लेक्स फाड़ने को लेकर दर्ज केस वापस लेना शामिल है। कमेटी ने यह भी मांग की है कि जिस दुकान में झोटा को गोली मारी गई, वहां उनका स्मारक बनाया जाए और उनके नाम पर ख्याला कलां में एक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाए।
इनपुट: IANS



