महाराष्ट्र वोटर लिस्ट: राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोप पर RJD और BJP में छिड़ी बहस
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के ड्राफ़्ट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जहां राहुल गांधी…
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के ड्राफ़्ट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जहां राहुल गांधी का समर्थन किया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली में राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा, "राहुल गांधी महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं। मैं बंगाल की बात करूंगा। जहां लाखों लोग छूट गए थे और वोट नहीं दे पाए थे।" उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के पास सभी दस्तावेज़ थे, उन्हें बाद में क्यों जोड़ा जा रहा है। मनोज झा ने आगे कहा, "क्या मैं इसे चोरी कहूं, या डकैती या धोखाधड़ी जैसा कोई बेहतर शब्द इस्तेमाल करूं? और वह भी संस्थागत समर्थन के साथ। कभी न कभी इन बातों से पर्दा उठेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।"
भाजपा का पलटवार और प्रक्रिया पर सफ़ाई
दूसरी तरफ, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हैदराबाद में भाजपा नेता मनमीत सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर (Summary and Intensive Revision) एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और जो लोग अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, उनके नाम स्थानांतरित किए जाते हैं।
मनमीत सिंह ने कहा, "55 साल के 'युवा' राहुल गांधी ने एक बार फिर दावा किया है कि महाराष्ट्र में दो करोड़ वोट हटा दिए गए हैं।" उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति एक जगह से दूसरी जगह जाता है, तो वह दो जगह वोट नहीं दे सकता, इसलिए एक जगह से उसका नाम हटा दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत इतने नाम सूची से हटाए गए हैं।
"यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है"
रांची में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने भी इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा, "एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे संविधान से अधिकार मिला है।" प्रतुल शाह देव ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में अभी एक ड्राफ़्ट सूची प्रकाशित हुई है और जिस किसी को भी आपत्ति है, वह उसे दर्ज करा सकता है।
उन्होंने राहुल गांधी से बिहार में किए गए ऐसे ही दावों पर सवाल करते हुए पूछा, "असल में कितने लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं? यहां कई घुसपैठिए हैं, फिर भी वे पूछते हैं कि घुसपैठिए कहां हैं। तो जो लोग एन्यूमरेशन फॉर्म पर साइन करने से इनकार करते हैं, वे कौन हैं।"
इनपुट: IANS



