मणिपुर: कुकी-जो परिषद का सरकार पर भेदभाव का आरोप, पूछा - न्याय का पैमाना सबके लिए समान क्यों नहीं?
मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के साथ कथित भेदभाव, हिंसा और उत्पीड़न को लेकर कुकी-जो परिषद (केजेडसी) ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिषद का आरोप है कि प्रशासन नागा समुदाय के मुद्दों को…
मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के साथ कथित भेदभाव, हिंसा और उत्पीड़न को लेकर कुकी-जो परिषद (केजेडसी) ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिषद का आरोप है कि प्रशासन नागा समुदाय के मुद्दों को तरजीह दे रहा है, जबकि उनके समुदाय की पीड़ा और शिकायतों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, केजेडसी ने न्याय से वंचित किए जाने की हालिया घटनाओं की कड़ी निंदा की है। परिषद ने यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) द्वारा दो महीने से अधिक समय से जारी नाकाबंदी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस नाकाबंदी के कारण कांगपोकपी जैसे कुकी-जो बहुल इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो गई है, जिससे एक मानवीय संकट पैदा हो रहा है।
सरकार से पूछे गए सवाल
परिषद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि मणिपुर के छह नागा लोगों के मामलों पर तो विशेष ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन नागा उग्रवादियों द्वारा कथित रूप से मारे गए 15 कुकी-जो लोगों के मामले में वैसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई? इन मृतकों में तीन पादरी भी शामिल थे। केजेडसी ने यह भी जानना चाहा है कि यूएनसी को इतने लंबे समय तक नाकाबंदी जारी रखने की अनुमति क्यों दी जा रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
हिंसा और उत्पीड़न के आरोप
केजेडसी ने कुछ विशिष्ट घटनाओं का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लेइलोन वैफेई क्षेत्र के 21 ग्रामीणों को लेमाखोंग आर्मी कैंप में पेश होने के लिए तलब किया है। इसके अलावा, कांगपोकपी जिले के कैलेंजांग गांव पर एनएससीएन-आईएम के उग्रवादियों द्वारा कथित हमले का भी जिक्र किया गया, जिसमें कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। परिषद ने यह भी दावा किया कि लेमाखोंग एरिया प्रोटेक्शन कमेटी (एलएपीसी) के एक नेता बिना किसी आपराधिक मामले के अब भी चुराचांदपुर जेल में बंद हैं।
परिषद की प्रमुख मांगें
कुकी-जो परिषद ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में सभी समुदायों को कानून के तहत समान सुरक्षा देना, निर्दोष बंदियों की तत्काल रिहाई, 15 कुकी-जो लोगों की हत्या की निष्पक्ष जांच, और कुकी-जो गांवों पर हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। परिषद ने यूएनसी की नाकाबंदी को तुरंत समाप्त करने की भी पुरजोर मांग करते हुए कहा कि न्याय का पैमाना सभी के लिए समान होना चाहिए।
इनपुट: IANS



