महाराष्ट्र: मानव अंडाणु के अवैध कारोबार पर ED की बड़ी कार्रवाई, 10 ठिकानों पर छापे, लाखों की नकदी जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मानव अंडाणु (Human Oocyte) की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के ठाणे, बारामती और नासिक में 10 अलग-अलग जगहों…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मानव अंडाणु (Human Oocyte) की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के ठाणे, बारामती और नासिक में 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस तलाशी अभियान के दौरान 29 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई, साथ ही कई बैंक लॉकरों और म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया गया है।
यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई थी। ईडी ने अपनी जांच ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में मंजुषा वानखेड़े और 16 अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। उन पर सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के उल्लंघन का भी आरोप है।
कैसे काम करता था यह अवैध नेटवर्क?
ईडी की जांच में एक संगठित रैकेट का खुलासा हुआ है जो आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था। इन महिलाओं को अंडे दान करने के लिए तैयार किया जाता था। इसके बाद एजेंटों का एक नेटवर्क इन महिलाओं को आईवीएफ (IVF) केंद्रों और सहायक प्रजनन तकनीक (ART) बैंकों तक पहुंचाता था। ये एजेंट अपनी अलग-अलग फर्मों के जरिए काम कर रहे थे। जांच के मुताबिक, आईवीएफ केंद्रों द्वारा इन महिलाओं को अंडे दान करने के बदले पैसे दिए जाते थे, जिसमें एजेंटों को भी अपना कमीशन मिलता था।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
इस पूरे गोरखधंधे में महिलाओं की पहचान छिपाने और उनसे बार-बार अंडाणु दान करवाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। ईडी ने बताया कि इसके लिए नकली आधार कार्ड, शपथ पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और ब्लड टेस्ट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों का मकसद न केवल महिलाओं की असल पहचान को गुप्त रखना था, बल्कि उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ दिखाना भी था।
एजेंसी ने चिंता जताई है कि इस प्रक्रिया में महिलाओं को महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के विभिन्न केंद्रों पर भेजा जाता था, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था। साथ ही, निर्धारित चिकित्सा सुरक्षा मानकों को भी ताक पर रखा गया था। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच चल रही है। ईडी ने कई नए डोनर एजेंटों की पहचान करने के साथ-साथ बड़ी रकम से जुड़ी अचल संपत्तियों और निवेश का भी पता लगाया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



