नोएडा: प्रदूषण पर बड़ी कार्रवाई, UPPCB ने अक्टूबर में वसूला ₹75 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के नोएडा में हवा की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अक्टूबर महीने में अब तक प्रदूषण फैलाने…
उत्तर प्रदेश के नोएडा में हवा की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अक्टूबर महीने में अब तक प्रदूषण फैलाने वाली विभिन्न इकाइयों पर करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई निर्माण कंपनियों, परियोजनाओं और यहां तक कि नोएडा प्राधिकरण के ठेकेदारों पर भी की गई है।
बोर्ड का मुख्य ध्यान उन निर्माण स्थलों पर है, जहां धूल को रोकने और निर्माण सामग्री के सही प्रबंधन जैसे नियमों की अनदेखी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद शहर में कई जगहों पर प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे कार्रवाई के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बड़े डेवलपर्स और प्लांट निशाने पर
इस अभियान के तहत कुछ बड़ी कंपनियों के खिलाफ भारी जुर्माने की सिफारिश की गई है। नोएडा स्थित आइवरी काउंटी पर 50 लाख रुपये और सेक्टर-150 में ऐस इन्फ्रासिटी डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये के जुर्माने की संस्तुति हुई है। इसके अलावा, शहर में प्रदूषण के बड़े स्रोत माने जा रहे हॉट मिक्सचर और रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट भी जांच के दायरे में हैं। नोएडा में ऐसे 20 से अधिक प्लांट हैं, जिनमें से कई के अवैध रूप से चलने की बात सामने आई है।
जुर्माने से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
एजेंसी के अनुसार, अब तक विभिन्न मामलों में कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। हालांकि, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर इसका खास असर नहीं दिख रहा है। इसे देखते हुए UPPCB अब सिर्फ आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहना चाहता। बोर्ड ने अब संबंधित मामलों में विशेष न्यायालय में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की सिफारिश भी की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
इनपुट: IANS



