बार काउंसिल चेयरमैन मनन मिश्रा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने नई कमेटी की मांग ठुकराई, चुनाव के लिए 5 हफ़्ते की समय-सीमा तय
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एक नई कमेटी नियुक्त करने से इनकार कर दिया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान, अदाल…
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एक नई कमेटी नियुक्त करने से इनकार कर दिया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने कहा कि जब तक नई कमेटी का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान कमेटी कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहमति से ही लेगी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चूंकि राज्यों में बार काउंसिल के चुनाव संपन्न हो चुके हैं, इसलिए अब उनके गठन के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नए पदाधिकारियों का चुनाव कराया जाएगा। अदालत ने राज्य बार काउंसिलों के गठन और वहां पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पांच हफ़्ते की समय-सीमा निर्धारित की है।
आरोपों पर मनन मिश्रा का पक्ष
इस मामले में, मनन कुमार मिश्रा ने 22 अगस्त को अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका और बीसीआई के पूर्व सह-अध्यक्ष सदाशिव रेड्डी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर अपनी सफाई पेश की थी। उन्होंने कहा था, "यदि कुछ इक्के-दुक्के लोग उनके खिलाफ निराधार और बेबुनियाद बातें कर रहे हैं तो उससे बीसीआई की वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। संस्था के भीतर आज भी उन्हें स्पष्ट बहुमत का समर्थन प्राप्त है।"
"निर्वाचित प्रतिनिधि हूँ, नामांकित नहीं"
मिश्रा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह बीसीआई में किसी नियुक्ति या नामांकन के जरिए नहीं, बल्कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया का भी जिक्र किया। एडवोकेट्स एक्ट के तहत, बार काउंसिल ऑफ इंडिया एक वैधानिक संस्था है, जिसमें देश भर के 25 लाख से अधिक वकील मतदाता होते हैं। वकील पहले अपने-अपने स्टेट बार काउंसिल के प्रतिनिधि चुनते हैं, जो बाद में बीसीआई के लिए अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। अंत में, बीसीआई के सभी राज्यों से आए प्रतिनिधि मिलकर चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव करते हैं। मनन कुमार मिश्रा ने यह भी बताया था कि यह उनका सातवां कार्यकाल है और पिछले छह कार्यकालों में वह निर्विरोध चुने गए थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भी बीसीआई के दो-तिहाई से अधिक सदस्य उनके साथ हैं।
इनपुट: IANS



