दिल्ली: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या पर प्रियंका-राहुल का सवाल — महिला सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी?
दिल्ली में एक 17 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म और फिर बर्बरता से हत्या के मामले ने महिला सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल…
दिल्ली में एक 17 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म और फिर बर्बरता से हत्या के मामले ने महिला सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने सरकार और समाज पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और महिला सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली में एक 17 साल की बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिला सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है और महिलाओं के विकास की बातें सिर्फ़ "खोखली" हैं। प्रियंका ने कहा कि सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, लेकिन उन्हें अपराधियों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद नहीं रहती, यहाँ तक कि FIR भी दर्ज नहीं होती। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार, दोनों ही महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार देने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की भूमिका पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस को घेरा। उन्होंने 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में लिखा, "दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।" राहुल गांधी ने आगे कहा कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए "हर दिन की खौफनाक कहानी" बनकर रह गई है। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा, "अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?"
क्या है पूरा मामला?
यह वारदात 13 सितंबर को तब सामने आई जब उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक खेत से एक बुरी तरह सड़ा-गला शव बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, शव की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआत में लिंग की पहचान करना भी मुश्किल था। जांच के बाद पीड़िता की पहचान हुई और पता चला कि इस अपराध में चार लोग शामिल थे, जिनमें से तीन नाबालिग हैं। आरोपियों ने लड़की के साथ दुष्कर्म करने के बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक खुले इलाके में फेंक दिया था। पुलिस ने बताया कि पीड़िता आरोपियों को जानती थी और घटना के दिन वे सभी एक साथ टेंपो में सफर कर रहे थे, जिस दौरान उन्होंने शराब का सेवन किया था।
इनपुट: IANS



