पुणे में 14 दिन की पाबंदी: 21 जुलाई से जुलूस, प्रदर्शन और पांच से ज़्यादा लोगों के जमावड़े पर रोक
महाराष्ट्र के पुणे शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 14 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 21 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू होकर 3 अगस्त की रात तक पूरे पुणे पुलिस…
महाराष्ट्र के पुणे शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 14 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 21 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू होकर 3 अगस्त की रात तक पूरे पुणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने, सभा करने या जुलूस निकालने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
यह कदम आगामी त्योहारों और विभिन्न संगठनों द्वारा नियोजित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनज़र उठाया गया है। पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) डॉ. प्रशांत अमृतकर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के संभावित मोर्चों, धरना-प्रदर्शनों और लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे जयंती जैसे आयोजनों को देखते हुए सार्वजनिक शांति बनाए रखना आवश्यक है।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
इन आदेशों के तहत कई गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। किसी भी तरह के हथियार, जैसे तलवार, भाले, बंदूक, लाठी-डंडे या विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलने की मनाही होगी। इसके अलावा, भड़काऊ नारेबाजी करने, किसी व्यक्ति या नेता का पुतला जलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने वाले पोस्टर या बैनर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
विशेष रूप से, इस बार सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाने, धमकी देने या अपराध का महिमामंडन करने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान जोड़ा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसे मिलेगी छूट?
हालांकि, ये प्रतिबंध सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और अपने कर्तव्य के तहत हथियार रखने वाले अधिकृत अधिकारियों पर लागू नहीं होंगे। इसके साथ ही, 3.5 फुट तक की लाठी रखने वाले निजी सुरक्षा गार्ड और चौकीदारों को भी इस आदेश से छूट दी गई है। पुणे पुलिस ने नागरिकों से इन नियमों का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
इनपुट: IANS



