महाराष्ट्र: MPSC पेपर लीक मामले में नया मोड़, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर FIR से गरमाई सियासत
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के कथित पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पुलिस ने…
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के कथित पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई सपकाल द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने पेपर लीक मामले में पवार और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
लातूर जिले की औसा पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। विधायक अभिमन्यु पवार का आरोप है कि कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की और बिना किसी संबंध के उन पर संदेह पैदा किया। इसी शिकायत के आधार पर सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिससे राज्य की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है।
क्या था विवादित सोशल मीडिया पोस्ट?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा था, "क्या एमपीएससी पेपर लीक केस के मास्टरमाइंड देवेंद्र फडणवीस हैं? सूत्रों का कहना है कि एमपीएससी (फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट) पेपर लीक के तार अब पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफिस तक पहुंच गए हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "खास तौर पर, चर्चा है कि इस मामले में शक मुख्यमंत्री के पूर्व पीए और अब भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार की ओर जा रहा है।"
विभिन्न भर्ती घोटालों की जांच की मांग
सपकाल ने अपनी पोस्ट में देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए कई कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने 2017-18 के मेगा रिक्रूटमेंट पोर्टल स्कैम, तलाठी भर्ती-2023, म्हाडा, पुलिस भर्ती, वन विभाग भर्ती और मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की भर्तियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक राज्य में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को राख में मिलाने वालों और उनके भविष्य के साथ क्रूर खेल खेलने वालों का पर्दाफाश नहीं हो जाता।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा के व्यवसायीकरण और युवाओं के सपनों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा था, "भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक का ग्रहण लग गया है। नीट, टीईटी और अब एमपीएससी, जो सरकार बार-बार छात्रों की मेहनत पर पानी फेरती है, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि सबूत सामने आने के बाद भी सरकार की चुप्पी संदेह को और गहरा करती है।
इनपुट: IANS



