महाराष्ट्र: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले पर बोले अबू आजमी- 'राज्य में कानून-व्यवस्था चौपट, सरकार का ध्यान भटका'
महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने गंभीर चिंता जताई है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि…
महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने गंभीर चिंता जताई है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में अपराध आम हो गए हैं और लोगों में डर का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में आजमी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसका ध्यान असल मुद्दों से भटक गया है।
अबू आजमी ने कहा, “पहले बाबा सिद्दीकी, अब टाइगर श्रॉफ, और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। इससे पहले भी कई हत्याएं हुई हैं, लेकिन वे लोग मशहूर या जाने-माने चेहरे नहीं थे, इसलिए उनके मामलों को उतनी अहमियत नहीं मिली। मुंबई में हत्याएं आम हो गई हैं।” उन्होंने मानखुर्द शिवाजी नगर जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां छोटी-छोटी बातों पर हत्याएं हो रही हैं, जो कानून-व्यवस्था की बेहद खराब हालत को दर्शाता है।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
विधायक अबू आजमी ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ताकत कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने में लगा रही है। उन्होंने कहा, “यह सरकार अपनी पूरी ताकत मुसलमानों को बेइज्जत करने में लगा रही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लाने की बात, मस्जिदों की मीनारें तोड़ना, मस्जिदों से अजान बंद करवाना, मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने पर केस दर्ज करना, इन सब चीजों पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन कानून-व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है।”
कठोर कानून और नाबालिगों की उम्र सीमा पर जोर
आजमी ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए सख्त कानून बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा, “सिंगापुर में मर्डर करने की किसी की हिम्मत क्यों नहीं पड़ती? अरब देशों में कोई मर्डर क्यों नहीं करता?... हम उन देशों की तरह सख्त कानून क्यों नहीं अपनाते?” उन्होंने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार और अपराधियों के बुलंद हौसलों को सरकार के लिए शर्म की बात बताया।
टाइगर श्रॉफ मामले में दो नाबालिगों समेत तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए अबू आजमी ने एक अहम मांग रखी। उन्होंने कहा, “नाबालिग की उम्र सीमा को 17 साल से घटाकर 14 साल कर दिया जाना चाहिए... अगर वे हत्या जैसे गंभीर अपराध करते हैं, तो उन्हें भी वही सजा मिलनी चाहिए जो किसी बालिग अपराधी को मिलती है।”
इनपुट: IANS



