गढ़चिरौली: जंगल में छिपाकर रखे माओवादी विस्फोटक बरामद, पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों को निशाना बनाने…
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की एक संभावित बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह सफलता तब मिली जब पुलिस को पोस्टे ग्यारापत्ती के टव्वे जंगल में विस्फोटक छिपाए जाने की खुफिया सूचना मिली थी।
पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में 4 नवंबर 2026 को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस ऑपरेशन के लिए विशेष अभियान दल (Special Operation Team) और बम निरोधक दस्ते (BDDS) की टीमों को जंगल में भेजा गया था। इन टीमों ने इलाके की सघन तलाशी ली और जमीन के नीचे दबाकर रखी गई सामग्री को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।
तलाशी में क्या-क्या मिला?
बरामद की गई सामग्री में बड़ी संख्या में ऐसे उपकरण शामिल हैं जिनका इस्तेमाल बम बनाने और हमला करने के लिए किया जाता है। पुलिस ने मौके से जो सामान जब्त किया, उसमें निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:
- 11 प्रेशर कुकर
- 300 फुट कॉर्टेक्स वायर (3 बंडल)
- 3 किलोग्राम गन पाउडर
- 4 डेटोनेटर
- एक 12 वॉट की बैटरी
- 250 ग्राम पटाखा बारूद
- 4 स्टील के कंटेनर
- तार के 8 बंडल
- एक सोलर प्लेट
- अन्य माओवादी साहित्य व सामग्री
अधिकारियों का मानना है कि माओवादी इस सामग्री का इस्तेमाल भविष्य में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने के लिए करने वाले थे। गढ़चिरौली में माओवाद का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है, और पुलिस अब क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अतीत में माओवादी इसी तरह विस्फोटक छिपाकर नक्सल सप्ताह या चुनाव जैसे मौकों पर हमले करते थे।
अभियान में शामिल टीमें
यह सफल अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में चलाया गया। इसकी निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज, अपर पुलिस अधीक्षक अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बीजे और पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) सुनील उईके ने की। विशेष अभियान दल, प्राणहिता यूनिट, इंटेलिजेंस सेल और बीडीडीएस टीम के जवानों ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके लिए एसपी एम. रमेश ने सभी की सराहना की है।
इनपुट: IANS



