गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में भारी बारिश: कोयना बांध के गेट खोले गए, जलगांव का गिरना डैम भी लबालब

महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सतारा जिले में स्थित कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी जलभराव को…

महाराष्ट्र में भारी बारिश: कोयना बांध के गेट खोले गए, जलगांव का गिरना डैम भी लबालब
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सतारा जिले में स्थित कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार शाम 5 बजे बांध के छह रेडियल गेट खोल दिए। इन गेटों को एक फुट तक उठाकर कोयना नदी में 5,079 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

विज्ञापन

प्रशासन ने बताया कि बांध के निचले हिस्से में स्थित बिजलीघर (Koyna Dam Foot Power House) की एक यूनिट पहले से ही चालू है, जिससे 1,050 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। गेट खुलने के बाद अब कोयना नदी में कुल 6,129 क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश की तीव्रता बनी रहती है और बांध में पानी की आवक बढ़ती है, तो छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को और भी बढ़ाया जा सकता है।

नदी किनारे अलर्ट जारी

कोयना नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों के लिए अलर्ट जारी किया है। नागरिकों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, संबंधित ग्राम प्रशासन और विभागों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और सभी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जलगांव के गिरना डैम में भी बढ़ा जलस्तर

दूसरी ओर, जलगांव जिले के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले गिरना डैम में भी जलस्तर 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बांध में अभी भी लगभग 3,000 क्यूसेक पानी की आवक जारी है, जिससे इसके जल्द ही पूरी क्षमता तक भरकर ओवरफ्लो होने की संभावना है।

महज आठ दिन पहले, 22 जुलाई को, गिरना डैम में केवल 40.38 प्रतिशत पानी था। लेकिन ऊपरी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से इसमें 54 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस पानी से भड़गांव, पचोरा, चालीसगांव और जलगांव तालुका के उन किसानों और निवासियों को बड़ी राहत मिली है, जो गिरना प्रोजेक्ट पर निर्भर हैं। बांध के पूरी तरह भर जाने की स्थिति में यहां से भी पानी छोड़ने का फैसला लिया जा सकता है।

इनपुट: IANS

N

News4Social महाराष्ट्र डेस्क

News4Social महाराष्ट्र डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से महाराष्ट्र से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →