मुंबई: शिवसेना MLC सचिन अहीर के घर 5 साल तक होती रही चोरी, 24 साल पुराने नौकर समेत 4 पर 2.65 करोड़ की सेंध का आरोप
महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता सचिन अहीर के घर से एक चौंकाने वाली चोरी का मामला सामने आया है। उनके मुंबई स्थित आवास से पिछले पांच वर्षों में व्यवस्थित तरीके से करीब…
महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता सचिन अहीर के घर से एक चौंकाने वाली चोरी का मामला सामने आया है। उनके मुंबई स्थित आवास से पिछले पांच वर्षों में व्यवस्थित तरीके से करीब 2.65 करोड़ रुपये की नकदी, गहने और कीमती सामान चुरा लिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले 24 सालों से अहीर परिवार में घरेलू नौकर के तौर पर काम कर रहा था।
यह घटनाक्रम मुंबई के वर्ली सी फेस स्थित गुलरुख बिल्डिंग का है, जहां सचिन अहीर के बेटे कृष्णा अहीर अपने परिवार के साथ रहते हैं। चोरी की इस बड़ी वारदात में घर के चार घरेलू नौकरों के शामिल होने का आरोप है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस सिलसिले में प्रवीण रमेश सोलंकी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके तीन अन्य साथियों की तलाश जारी है।
कैसे हुआ चोरी का खुलासा?
इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार को घर में रखी नकदी और कीमती सामान गायब होने का शक हुआ। शुरुआत में, 13 अक्टूबर 2025 (संभावित रूप से तारीख में स्रोत त्रुटि) को घर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद परिवार ने यह मान लिया था कि कुछ नकदी आग में जल गई होगी। हालांकि, जब बाद में सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो रिकॉर्डिंग के कुछ हिस्से गायब मिले, जिससे शक गहरा गया। इसके बाद सचिन अहीर ने मुंबई क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
क्या-क्या सामान चोरी हुआ?
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए सामान की सूची काफी लंबी है। इसमें नकदी के अलावा 100 ग्राम का सोने का बिस्किट, हीरे जड़े सोने के कंगन और अंगूठी, पांच हीरे के हार, हीरे की अन्य अंगूठियां, और चांदी के गिलास, थालियां व लोटे शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रवीण रमेश सोलंकी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने चोरी का माल बेचने और उससे मिली रकम को अपने साथियों में बांटने की बात भी स्वीकार की है। कोर्ट ने सोलंकी को 28 जुलाई तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया है। डीसीपी राजतिलक रोशन की देखरेख में मामले की जांच चल रही है।
इनपुट: IANS



