शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

जबलपुर बनेगा मेट्रोपॉलिटन सिटी, मुख्यमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं और वृक्षारोपण अभियान का किया शुभारंभ

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर को एक साल के भीतर मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को यह बड़ी घोषणा की और संबंधित अधिकारियों को इसका ड्राफ्ट प्रपोजल जल्द तैयार करने के…

जबलपुर बनेगा मेट्रोपॉलिटन सिटी, मुख्यमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं और वृक्षारोपण अभियान का किया शुभारंभ
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर को एक साल के भीतर मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को यह बड़ी घोषणा की और संबंधित अधिकारियों को इसका ड्राफ्ट प्रपोजल जल्द तैयार करने के निर्देश भी दिए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह ऐलान जबलपुर के गीता भवन परिसर में विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान किया।

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इसी कार्यक्रम से मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में 11 लाख पौधे लगाने के एक सघन वृक्षारोपण अभियान की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रकृति से रिश्ते को और मजबूत करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। पौधरोपण के लिए नई जापानी 'मियावाकी पद्धति' का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इससे एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं, जो तीन साल से भी कम समय में घने जंगल में तब्दील हो जाते हैं।

जबलपुर के लिए अन्य प्रमुख घोषणाएं

मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के अलावा, मुख्यमंत्री ने जबलपुर के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। शहर में एक 'फर्नीचर क्लस्टर' स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी को राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रूप में विकसित करने की भी योजना है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, मदन महल पहाड़ी के पास एक चिड़ियाघर (जू) बनाने का भी ऐलान किया गया। इसका मकसद जबलपुर और आसपास के राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों को वाइल्ड एनिमल्स विजिबिलिटी की सुविधा देना है। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सांदीपनि विद्यालय भी खोले जाएंगे।

प्रकृति और सहकारिता पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पेड़ ऋषि-मुनियों के समान होते हैं, जो हमें स्वच्छ हवा और जीवन देते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश को 'नदियों का मायका' बताते हुए कहा कि नर्मदा जैसी नदियां गुजरात और राजस्थान को भी समृद्धि देती हैं, जबकि चंबल और सोन गंगा-यमुना की धारा को गति प्रदान करती हैं। उन्होंने 'सरकार का अर्थ सहकार' और 'सहकार का अर्थ परिवार' की सहायता करना बताते हुए 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के भारतीय आदर्श का भी उल्लेख किया।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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