मध्य प्रदेश: दतिया उपचुनाव का बिगुल बजा, 30 जुलाई को मतदान और 4 अगस्त को आएगा नतीजा
मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सोमवार, 6 जुलाई को निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिल
मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सोमवार, 6 जुलाई को निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला भी आरंभ हो गया। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और नतीजों की घोषणा 4 अगस्त को होगी।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ रहा है क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीते राजेंद्र भारती को एक अदालती मामले में दो साल से अधिक की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के परिणामस्वरूप, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191 (1)(ई) के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। चुनाव आयोग की अधिसूचना में इस सीट को 2 अप्रैल, 2026 से रिक्त बताया गया है।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। अगले दिन, यानी 14 जुलाई को नामांकनों की जांच होगी। नाम वापस लेने के लिए उम्मीदवारों को 16 जुलाई तक का समय मिलेगा। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 4 अगस्त को मतगणना के साथ ही नए विधायक का फैसला हो जाएगा। मध्य प्रदेश के राजपत्र में भी इस अधिसूचना को प्रकाशित कर दिया गया है।
क्यों खास है दतिया का मुकाबला?
दतिया का यह उपचुनाव बेहद रोचक माना जा रहा है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। अब भारती की सदस्यता जाने के बाद दोनों प्रमुख दल, भाजपा और कांग्रेस, अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। हालांकि, अधिसूचना जारी होने के बावजूद किसी भी पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा पर दांव लगा सकती है। वहीं, कांग्रेस की उम्मीदें राजेंद्र भारती को अदालत से मिलने वाली राहत पर टिकी हैं। अगर उन्हें अपनी सजा पर स्थगन मिल जाता है, तो पार्टी उन्हें ही दोबारा मैदान में उतार सकती है। ऐसा न होने की स्थिति में कांग्रेस किसी नए चेहरे को मौका देगी।
इनपुट: IANS



