मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

एयर इंडिया का घाटा दोगुना हुआ, चेयरमैन बोले- दशकों में बनती हैं महान एयरलाइनें

टाटा समूह के हाथों में आने के बाद बड़े बदलावों से गुज़र रही एयर इंडिया और उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के सामने वित्तीय चुनौतियां बनी हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

एयर इंडिया का घाटा दोगुना हुआ, चेयरमैन बोले- दशकों में बनती हैं महान एयरलाइनें
(फोटो: IANS)

टाटा समूह के हाथों में आने के बाद बड़े बदलावों से गुज़र रही एयर इंडिया और उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के सामने वित्तीय चुनौतियां बनी हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों एयरलाइनों का संयुक्त शुद्ध घाटा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष के 10,859 करोड़ रुपए के घाटे की तुलना में दोगुने से भी ज़्यादा है।

विज्ञापन

वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में दोनों कंपनियों की कुल आय में भी लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 71,870 करोड़ रुपए दर्ज की गई। अगर अलग-अलग देखें तो एयर इंडिया ने 51,452 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया और उसे 15,368 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ। वहीं, बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस का राजस्व 19,088 करोड़ रुपए रहा, जबकि उसका शुद्ध घाटा 6,767 करोड़ रुपए था।

लंबी प्रक्रिया है एयरलाइन का कायाकल्प

घाटे के इन आंकड़ों के बीच, एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि एयरलाइन के कायाकल्प को एक लंबी अवधि की प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने साफ़ किया कि विश्वस्तरीय एयरलाइन का निर्माण कुछ तिमाहियों में नहीं हो सकता।

उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "इतिहास की हर महान एयरलाइन दशकों में बनी है, कुछ तिमाहियों में नहीं।"

चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया को बदलने की यह यात्रा 5 से 10 साल की है। उन्होंने याद दिलाया कि जब टाटा समूह ने 2022 में सरकार से एयरलाइन का अधिग्रहण किया था, तब उसकी स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। विमान के पुर्जों की सप्लाई चेन में बाधा, पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाना, विमानों के बेड़े को नया करना और संगठन की कार्य-संस्कृति में बदलाव जैसी कई बड़ी चुनौतियां इस परिवर्तन का हिस्सा हैं। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि एयर इंडिया के पूरी तरह पटरी पर लौटने में पहले के अनुमानों से ज़्यादा समय लग सकता है।

कैसी है कंपनी की हिस्सेदारी?

मौजूदा शेयरहोल्डिंग के अनुसार, एयर इंडिया में सबसे बड़ी 73.82% हिस्सेदारी टाटा संस के पास है। इसके अलावा, 25.1% हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस और बाकी 1.08% हिस्सेदारी कर्मचारियों के पास है। यह हिस्सेदारी कर्मचारियों को 2022 में निजीकरण के दौरान शुरू की गई शेयर लाभ योजना के तहत दी गई थी।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →