गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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व्यापार, तकनीक और नवाचार का केंद्र बन रहा लॉस एंजिल्स में भारत का नया वाणिज्य दूतावास

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में खुला भारत का नया महावाणिज्य दूतावास पारंपरिक राजनयिक भूमिका से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। समाचार…

व्यापार, तकनीक और नवाचार का केंद्र बन रहा लॉस एंजिल्स में भारत का नया वाणिज्य दूतावास
(फोटो: IANS)

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में खुला भारत का नया महावाणिज्य दूतावास पारंपरिक राजनयिक भूमिका से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह दूतावास भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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भारतीय महावाणिज्य दूत डॉ. केजे श्रीनिवास ने बताया कि इस नए केंद्र को भारतीय प्रवासी समुदाय और अमेरिकी साझेदारों से जबरदस्त समर्थन मिला है। उन्होंने इसे "भारतीय प्रवासी समुदाय का लंबे समय से संजोया हुआ सपना" बताया। डॉ. श्रीनिवास के अनुसार, अमेरिका का प्रशांत दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की अपार संभावनाएं रखता है।

व्यापार और निवेश पर विशेष ध्यान

स्थापना के बाद से ही दूतावास ने निवेश प्रोत्साहन के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं और भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडलों तथा स्थानीय अमेरिकी कंपनियों के बीच व्यावसायिक बैठकों की सुविधा भी प्रदान की है। इसके अलावा, दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर अर्थ) और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) से जुड़े हितधारकों के साथ भी संवाद शुरू किया गया है, जो मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिहाज से एक रणनीतिक कदम है।

डॉ. श्रीनिवास ने कहा, "हम दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी और कारोबारी संबंधों को लगातार गति पकड़ते हुए देख रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि अब भारत को सिर्फ बॉलीवुड और योग के लिए नहीं, बल्कि उद्यमिता, इनोवेशन और निवेश जैसे गंभीर व्यावसायिक क्षेत्रों में भी पहचाना जा रहा है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने हाल ही में हुए बीआईओ इंटरनेशनल कन्वेंशन का जिक्र किया, जिसमें 52 से अधिक भारतीय कंपनियों ने हिस्सा लिया था और उनमें अमेरिकी पक्ष ने गहरी दिलचस्पी दिखाई।

शिक्षा और प्रौद्योगिकी में बढ़ता सहयोग

शिक्षा एक और प्रमुख क्षेत्र है जहां भारत और अमेरिका के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। डॉ. श्रीनिवास ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी और यूसीएलए जैसे कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों का भारतीय संस्थानों के साथ हो रही साझेदारियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "इन सहयोगों से छात्रों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत और अमेरिका दोनों देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।" उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश एक-दूसरे को "एक स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।"

2028 ओलंपिक की तैयारियां

आगामी 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियां भी महावाणिज्य दूतावास की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। दूतावास भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), खेल मंत्रालय और लॉस एंजिल्स की आयोजन समिति के साथ मिलकर समन्वय कर रहा है। एक सदी से भी अधिक समय बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी ने इन तैयारियों को एक नया आयाम दिया है। डॉ. श्रीनिवास ने कहा, "इस क्षेत्र में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है।"

अंततः, रक्षा, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के साथ, प्रशांत दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनने की राह पर है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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