विरोध प्रदर्शन देख गृह मंत्री ने पहली बार नागरिकता कानून में बदलाव के दिये संकेत

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विरोध प्रदर्शन देख गृह मंत्री ने पहली बार नागरिकता कानून में बदलाव के दिये संकेत

नागरिकता संशोधन क़ानून पर विरोध-प्रदर्शन बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है. राज्यों में हिंसा और प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार नागरिकता क़ानून में कुछ बदलाव करने के संकेत दिये है. जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने धनबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा है कि इस क़ानून को लेकर नॉर्थ ईस्ट के लोगों पर कुछ संदेह है.

इसी को लेकर मेघालय के मुख्यमंत्री ने अमित शाह से मुलाकात की है. वहीं इसी मुलाकात में शाह ने भरोसा दिलाया है कि क्रिसमस के बाद इसका कोई ना कोई हल ज़रूर निकाल लिया जाएगा और उन्हें इस क़ानून को लेकर परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.

बता दें कि बीजेपी की प्रमुख सहयोगियों में से एक असम गण परिषद ने पहले कानून का समर्थन किया था, लेकिन अब इसके विरोध का भी ऐलान किया है. असम गण परिषद ने वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के बाद यह फैसला लिया है.

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वहीं दूसरी और असम गण परिषद ने यह भी कहा है कि वो नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी. इस मुद्दे पर असम गण परिषद का एक दल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी मिलेगा. जिसमें एजीपी बीजेपी की अगुवाई वाली असम सरकार का भी हिस्सा है और राज्य की कैबिनेट में उसके तीन मंत्री भी शामिल हैं.