गुरूवार, 6 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

संसद में फिर हंगामा: किरेन रिजिजू ने विपक्ष को याद दिलाए नियम, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को एक बार फिर विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा में शोर-शराबे के चलते कार्यवाही शुरू होने के कुछ…

संसद में फिर हंगामा: किरेन रिजिजू ने विपक्ष को याद दिलाए नियम, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
(फोटो: IANS)

संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को एक बार फिर विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा में शोर-शराबे के चलते कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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राज्यसभा में हंगामे की मुख्य वजह प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के कथित इस्तेमाल का मुद्दा था, जिसे विपक्षी सांसद उठाना चाहते थे। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कुछ देर शांति रही और आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे गए, लेकिन शून्यकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

रिजिजू ने नियमों का दिया हवाला

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के नियम स्पष्ट हैं कि किसी भी सदस्य को बोलते समय बीच में बाधित नहीं किया जा सकता। रिजिजू ने कहा, "किसी सदस्य के भाषण के दौरान शोर-शराबा करना, अव्यवस्थित टिप्पणियां करना, लगातार टोका-टोकी करना या किसी भी तरह से सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना संसदीय नियमों के विरुद्ध है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदन को नियमों के अनुसार चलना चाहिए और एक ही बात को बार-बार दोहराना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। रिजिजू ने कहा कि नियमों में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य लगातार अप्रासंगिक बातें करता है या अपनी बात दोहराता है, तो सभापति उसे भाषण रोकने का निर्देश दे सकते हैं।

सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक

संसदीय कार्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "वे सदन में रोज वही बातें दोहराते हैं। सदस्य खड़े होकर हर दिन एक जैसी बातें कहते हैं। यह लगातार दोहराव है और नियमों के खिलाफ है।" उन्होंने कांग्रेस के नए सांसद पवन खेड़ा को भी संसदीय नियमों का अध्ययन करने की सलाह दी।

जब मल्लिकार्जुन खड़गे, रिजिजू की बातों का जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो सदन में हंगामा और तेज हो गया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसद एक साथ बोलने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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