चीन और रूस ने आपसी सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया, प्रधानमंत्री ली छ्यांग और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात
चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में एक अहम मुलाकात हुई है। 21 अक्टूबर को हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच आपसी…
चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में एक अहम मुलाकात हुई है। 21 अक्टूबर को हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध दुनिया में स्थिरता के लिए एक 'अनमोल शक्ति' हैं।
ली छ्यांग ने इस बात पर जोर दिया कि चीन, रूस के साथ रणनीतिक संवाद को और मजबूत करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि उनका देश आपसी राजनीतिक विश्वास बढ़ाने, चौतरफा सहयोग का विस्तार करने और दोनों देशों के लोगों के कल्याण में लगातार वृद्धि करने के लिए तैयार है।
आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर भी चर्चा हुई। ली छ्यांग ने कहा कि चीन, रूस के साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश और परिवहन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपनी आर्थिक पूरकता का लाभ उठाकर अधिक उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए, जिससे समृद्धि बढ़े। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने 'चीन-रूस शिक्षा वर्ष' को सफलतापूर्वक आयोजित करने पर भी सहमति जताई, ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और दोस्ती को और बढ़ाया जा सके।
वैश्विक मंचों पर साझा रणनीति
चीनी प्रधानमंत्री ने दुनिया में बढ़ते 'एकतरफावाद और प्रभुत्ववाद' का जिक्र करते हुए कहा कि चीन महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर रूस के साथ समन्वय मजबूत करेगा। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और घनिष्ठ बनाने की बात कही, ताकि 'ग्लोबल साउथ' की शक्तियों को एकजुट कर साझा हितों और न्याय की रक्षा की जा सके।
इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध समानता, आपसी सम्मान और लाभ पर आधारित हैं और ये किसी तीसरे पक्ष से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने चीन को रूस का सबसे घनिष्ठ और विश्वसनीय साझेदार बताया। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस विभिन्न क्षेत्रों में चीन के साथ व्यावहारिक सहयोग के लिए तैयार है और अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए चीन का समर्थन करता है।
इनपुट: IANS



