मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

संसद में हंगामा जारी: लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित, विपक्ष ने गृह मंत्री से जवाब मांगा

संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही लगातार हंगामे का सामना कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को भी लोकसभा में विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण कामकाज बाधित हुआ, जिसके चलते सदन…

संसद में हंगामा जारी: लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित, विपक्ष ने गृह मंत्री से जवाब मांगा
(फोटो: IANS)

संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही लगातार हंगामे का सामना कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को भी लोकसभा में विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण कामकाज बाधित हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब की मांग कर रहा था।

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मंगलवार को सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करने लगे। उनकी प्रमुख मांग थी कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई थी।

स्पीकर की अपील बेअसर, कार्यवाही स्थगित

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सांसदों से अपनी सीटों पर वापस जाने और प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह एक 'महत्वपूर्ण' समय है और नारेबाजी से आवश्यक मुद्दों पर चर्चा बाधित होगी। हालांकि, उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और विपक्ष का शोर-शराबा जारी रहा। इसके बाद, स्पीकर ने पहले सदन को दोपहर 2 बजे तक और फिर हंगामे के न थमने पर बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

यह गतिरोध सिर्फ मंगलवार तक ही सीमित नहीं है। मानसून सत्र की शुरुआत से ही नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार से लगातार जवाबदेही की मांग कर रहा है, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।

हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक

दिलचस्प बात यह है कि इसी तरह के हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित कर दिया गया था। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच ही 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026' सदन में पेश किया। पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद टेनेटी की बार-बार शांति की अपील के बावजूद, विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी गई।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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