लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को मिली मंज़ूरी, क़ानूनी सुविधाएँ बेहतर होने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की एक अलग बेंच स्थापित करने के फ़ैसले को मंज़ूरी दे दी है। इस कदम का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय तक पहुँच को आसान बनाने की दिशा…
केंद्र सरकार ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की एक अलग बेंच स्थापित करने के फ़ैसले को मंज़ूरी दे दी है। इस कदम का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय तक पहुँच को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्णय से दूर-दराज़ के इलाक़ों में रहने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस निर्णय की सराहना करते हुए कुपवाड़ा की पूर्व डीडीसी सदस्य और वकील आमना मजीद ने इसे एक "बहुत ही सराहनीय कदम" बताया। उन्होंने कहा कि यह लद्दाख के लोगों की एक प्रमुख माँग थी, जो अब पूरी हो गई है। आमना मजीद ने कहा, "केंद्रीय कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बेंच से अलग लद्दाख में हाई कोर्ट की एक अलग बेंच को मंजूरी दी। यह बहुत ही सराहनीय कदम है। [...] लद्दाख के लोगों की उम्मीदें, अधिकार और उनकी इच्छाओं में यह एक अहम मुद्दा शामिल था, जो अब पूरा हो गया है।"
न्याय तक पहुँच होगी आसान
इस नई बेंच की स्थापना से पहले लद्दाख के लोगों को न्यायिक मामलों के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। वकील आमना मजीद ने इस समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा, "पहले जो भी लद्दाख से आते थे, उनको बहुत परेशानी होती थी और उनके लिए रहने के लिए और एक्सेस टू जस्टिस में परेशानी होती थी। यूनियन कैबिनेट के इस अप्रूवल से लद्दाख के गरीब आवाम को अच्छी कानूनी सुविधा मिलेगी।"
इसी के साथ, आमना मजीद ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए अन्य वादों को भी पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा, "इस मुल्क की एक बेटी होने के नाते मेरी भी ख्वाहिश है कि यूनियन कैबिनेट और हमारे प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री ने जो जम्मू कश्मीर के लोगों से वादा दिया है, उसे पूरा किया जाए।"
केंद्र सरकार का बयान
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर इस निर्णय की जानकारी दी थी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है। शाह के अनुसार, "इससे लद्दाख के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच काफी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें मिलने वाली कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय कम हो जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास और संवैधानिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इनपुट: IANS



