रविवार, 13 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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यमन: हूती हमलों में 'ईरान की भूमिका' पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने, तेहरान ने आरोप नकारे

ईरान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें यमन के हूती समूह द्वारा किए जा रहे हमलों के पीछे तेहरान का हाथ बताया गया था। ईरान ने हूती समूह को एक…

यमन: हूती हमलों में 'ईरान की भूमिका' पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने, तेहरान ने आरोप नकारे
(फोटो: IANS)

ईरान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें यमन के हूती समूह द्वारा किए जा रहे हमलों के पीछे तेहरान का हाथ बताया गया था। ईरान ने हूती समूह को एक स्वतंत्र यमनी पक्ष बताते हुए कहा कि वे अपने फैसले खुद लेते हैं और किसी के आदेश पर काम नहीं करते। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका पर ही क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है।

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यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में सऊदी अरब में हो रहे हूती हमलों पर टिप्पणी की। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, रुबियो ने कहा, "मेरा मानना है कि कई मायनों में हूती ईरान के सहयोगी और उसके प्रभाव में काम करने वाले समूह हैं। मुझे लगता है कि इन घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं ईरान की भूमिका साफ तौर पर दिखाई देती है।"

तेहरान का पलटवार

अमेरिकी आरोपों के जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "मार्को रुबियो के आरोप तथ्यों की जगह नहीं ले सकते। अंसारल्लाह (हूती समूह) एक स्वतंत्र यमनी पक्ष है, जो अपने फैसले खुद लेता है।" बाघेई ने यह भी कहा कि हूती समूह किसी देश का प्रतिनिधि बनकर काम नहीं करता।

ईरानी प्रवक्ता ने क्षेत्र में अस्थिरता की असली वजह अमेरिकी नीतियों को ठहराया। उन्होंने कहा, "क्षेत्र में अस्थिरता की असली वजह अमेरिका की सैन्य दखलअंदाजी और प्रभुत्व कायम करने वाली नीतियां हैं। अगर वॉशिंगटन सच में शांति चाहता है तो उसे एक आसान कदम उठाना चाहिए और वह है हमारे क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने वाली तथा अस्थिरता बढ़ाने वाली दखलअंदाजियों को खत्म करना।"

यमन में शांति का रास्ता

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि यमन में शांति बाहरी दबाव या बमबारी से नहीं, बल्कि बातचीत से ही संभव है। इस्माइल बाघेई के अनुसार, शांति की शुरुआत "ईमानदार बातचीत से होती है, जो सभी पक्षों की ओर से पहले से तय किए गए रोडमैप और समझौतों के आधार पर आगे बढ़े।"

दूसरी ओर, मार्को रुबियो ने अमेरिका और सऊदी अरब के बीच मजबूत रक्षा संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यमन की सेना जमीन पर हूतियों का मुकाबला कर रही है और उनकी आगे बढ़ने की कुछ कोशिशों को नाकाम कर रही है।

इनपुट: IANS

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