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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दोबारा इस मसले पर गुहार लगाने केजरीवाल पहुंचे न्यायालय

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चल रहें अधिकारों के लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. एक बार फिर यह जंग दोबारा से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. इस बार दिल्ली सरकार ने ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर कोर्ट की तरफ रुख किया है. इस मामले को लेकर कोर्ट में सुनवाई अलगे हफ्ते होगी.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उप राज्यपाल और दिल्ली सरकार के अधिकारों को लेकर जो अहम फैसला सुनाया गया था उसके बाद भी दोनों के बीच खींचतान खत्म नहीं हुई है. उपराज्यपाल ने गृहमंत्रालय के 2015 के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए ट्रांसफर पोस्टिंग को अपने अधिकार में रखने की बात कही है. पर इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी को खत लिखकर सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा है.

केजरीवाल की एलजी को चिट्ठी

एक बार फिर केजरीवाल ने उपराज्यपाल को पत्र लिखा है. पत्र में केजरीवाल ने उपराज्यपाल को लिखा है कि ‘आदेश पूरा लागू करें, शंका हो तो सुप्रीम कोर्ट जाओ’ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केजरीवाल ने फिर एलजी को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माने और उसको पूरी तरह से लागू करें. अगर कोई शंका है तो वह सुप्रीम कोर्ट जा सकते है. कोर्ट के फैसले के बाद भी दोनों के बीच चल रहें इस विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने लिखा है कि गृह मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्याख्या करने की अनुमति नहीं है. उपराज्यपाल इस मामले पर सफाई लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास जाएं ना की उनके आदेश का उल्लघंन करें.

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उन्होंने आगे लिखा कि उपराज्यपाल कोर्ट का आदेश का एक हिस्सा तो पूरी तरह से मान रहें है, जिसमें कहा गया है कि सरकार की अनुमति नहीं है, पर उसी का दूसरा हिस्सा मान नहीं रहें है जिसमें लिखा है कि केंद्र के अधिकार तीन सिर्फ तीन विषयों तक हैं. केजरीवाल ने पत्र में पांच मुद्दे उठाए है. इनमें सलाह, मंत्री परिषद का फैसला, कौन है दिल्ली सरकार, एलजी के पास फाइल जाने जैसे चार मसलों पर एलजी व केंद्र सरकार राजी हैं, लेकिन आरक्षित विषय पर सहमत नहीं हैं.

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