रूस-ईरान प्रतिबंध कानून पर अमेरिकी संसद की मुहर, यूक्रेन ने बताया 'आतंक रोकने का सही तरीका'
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले एक महत्वपूर्ण कानून को पारित कर दिया है। यूक्रेन ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे रूस के ‘आतंक’ को रोकने का सही तरीका बताया है। यह विधायी…
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले एक महत्वपूर्ण कानून को पारित कर दिया है। यूक्रेन ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे रूस के ‘आतंक’ को रोकने का सही तरीका बताया है। यह विधायी कार्रवाई ठीक उस समय हुई जब रूस ने कीव पर एक और भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया और ओडेसा को भी निशाना बनाया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी।
पारित हुए इस विधेयक का नाम 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' है। यूक्रेन के विदेश मंत्री के मुताबिक, यह कानून अमेरिकी कांग्रेस का एक स्पष्ट संदेश है कि रूस अपनी आक्रामक कार्रवाइयां बिना परिणाम के जारी नहीं रख सकता। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन जितने लंबे समय तक यह युद्ध जारी रखेंगे, उनके और उनकी सरकार के लिए इसकी कीमत उतनी ही बढ़ती जाएगी।"
कानून का उद्देश्य और प्रावधान
इस कानून का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए रूस को मिलने वाले आर्थिक संसाधनों को सीमित करना है। इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और मॉस्को के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाया गया है। कानून में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का भी प्रावधान है। अब यह विधेयक हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा, जिसके बाद इसके कानून बनने की उम्मीद है।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया और अपील
एंड्री सिबिहा ने इस कानून का समर्थन करने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के दोनों दलों के नेताओं और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी देश पर कड़ा दबाव बनाना और उसके युद्ध संसाधनों को सीमित करना ही हमलों को रोकने का सही जवाब है। सिबिहा ने बयान में सीनेटर लिंडसे ग्राहम की विरासत को भी सम्मान दिया।
इसके साथ ही यूक्रेन ने अपने सहयोगी देशों से रूस पर और भी कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की है। इनमें रूस के साथ पूर्ण व्यापारिक प्रतिबंध, उसके लड़ाकों के प्रवेश पर रोक, उसके 'शैडो फ्लीट' और सैन्य-औद्योगिक ढांचे पर पूर्ण वित्तीय प्रतिबंध जैसी मांगें शामिल हैं। सिबिहा ने कहा, "हम पुतिन को इस युद्ध को जारी रखने के लिए जरूरी संसाधनों से वंचित करके उन्हें रोक सकते हैं।"
इनपुट: IANS



