कानपुर-बुंदेलखंड कनेक्टिविटी को मिलेगी नई धार, 7,145 करोड़ के ग्रीनफील्ड हाईवे को केंद्र की हरी झंडी
कानपुर और बुंदेलखंड के बीच आर्थिक और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने 7,145 करोड़ रुपए की लागत से 117.7 कि
कानपुर और बुंदेलखंड के बीच आर्थिक और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने 7,145 करोड़ रुपए की लागत से 117.7 किलोमीटर लंबे एक नए एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दिखाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के कानपुर-कबरई खंड पर बनाया जाएगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और निवेश के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
इस फैसले का कानपुर के उद्योग जगत, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारिक संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ सफर को आसान बनाएगी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं का समाधान भी करेगी। यह हाईवे बुंदेलखंड के हमीरपुर, महोबा और बांदा जैसे इलाकों को सीधे कानपुर से जोड़ेगा, जो खनन और निर्माण सामग्री के व्यापार के लिए एक अहम मार्ग है।
व्यापार और परिवहन को राहत
ट्रांसपोर्ट संगठन के अध्यक्ष रवि शंकर मिश्रा ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा, "हम लोगों का गिट्टी मौरंग का, खनन का जो भी व्यवसाय है, मुख्य रूप से बुंदेलखंड से होता है...। यह सड़क जो है, देशभर के अधिकतम दुर्घटनाओं में जान जाने वाली सड़कों में से, टॉप में से एक सड़क में से है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि नए हाईवे से डीजल, टायर और मेंटेनेंस का खर्च कम होगा। वहीं, राष्ट्रीय व्यापार मंडल के ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि बुंदेलखंड से गल्ला, दलहन और तिलहन का बड़ा व्यापार होता है जो कानपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश की मंडियों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा, "अभी साढ़े तीन घंटे लगते हैं और कई बार सिंगल रोड होने के कारण जाम लग जाता है। कुछ दिन पहले सात घंटे का जाम लगा था। इस परियोजना से बहुत बड़ी राहत मिलेगी।"
औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं
इस परियोजना से औद्योगिक विकास को भी बड़ा बल मिलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री कोऑपरेटिव स्टेट के चेयरमैन विजय कपूर ने कहा, "कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड एरिया से हमारे कानपुर के लोगों को तो बहुत फायदा होगा ही, हम लोग मध्य प्रदेश तक बड़ी आसानी से कहीं भी जा सकेंगे। मुझे लगता है कि इसके किनारे पर जो इंडस्ट्रियल हब की स्थापना होगी, उससे इंडस्ट्री बढ़ेगी, लोगों को रोजगार मिलेगा और देश का विकास होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के चलते उद्यमी अब इसी मार्ग पर उद्योग लगाना पसंद करेंगे।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने इस बात पर जोर दिया कि कानपुर अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों से तो जुड़ा है, लेकिन बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले रास्ते पर फोर-लेन की सुविधा नहीं थी। उन्होंने कहा, "यह हाईवे बनने से निश्चित रूप से आवागमन आसान होगा। हमारी कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र और पश्चिमी राज्यों तक बेहतर होगी।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मार्ग पर औद्योगिक भूमि सस्ती होने के कारण उद्योगों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
इनपुट: IANS



