सोमवार, 10 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा विवाद: अब ED ने शुरू की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, 40 करोड़ के लेनदेन का शक

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की आंच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। 11वीं जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) की प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पैसों के लेनदेन को लेकर…

झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा विवाद: अब ED ने शुरू की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, 40 करोड़ के लेनदेन का शक
(फोटो: IANS)

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की आंच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। 11वीं जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) की प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पैसों के लेनदेन को लेकर ED ने अपनी जांच शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, रांची स्थित ED के ज़ोनल कार्यालय ने राज्य पुलिस और CID द्वारा दर्ज FIR को आधार बनाते हुए एक एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है।

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ED की जांच का मुख्य केंद्र परीक्षा पास कराने के नाम पर हुए कथित वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को उजागर करना है। एजेंसी यह पता लगाएगी कि अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम किन-किन लोगों तक पहुंची और उसका इस्तेमाल कैसे किया गया। शुरुआती जांच में लगभग 40 करोड़ रुपये के वित्तीय नेटवर्क का अनुमान लगाया गया है।

जांच के दायरे में कौन-कौन?

इस मामले में परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPPL) की भूमिका सबसे ज़्यादा संदिग्ध मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार और खुद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद इस कंपनी को JPSC का ठेका मिलने पर गंभीर सवाल उठे थे। इसी विवाद के बाद JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते और तीन सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद—ने इस्तीफा दे दिया था। CID पहले ही पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार दौर की पूछताछ कर चुकी है और सोमवार को सदस्य अजिता भट्टाचार्य को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

CID की जांच के आधार पर ही ED ने यह मामला उठाया है। CID इस प्रकरण की जांच पिछले 20 दिनों से कर रही है। अब तक इस मामले में कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अनुचित तरीके से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। CID ने अभय कुमार तिवारी नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है, जो राज्य सरकार के एक दफ्तर में काम करने के साथ-साथ TDPPL से भी जुड़ा था और उसे इस सिंडिकेट की एक अहम कड़ी बताया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान रांची, हजारीबाग, पलामू और धनबाद समेत 18 ठिकानों से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत ज़ब्त किए गए हैं। इनमें खाली चेक, अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, OMR शीट की कार्बन कॉपी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि ED जल्द ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL-2024 परीक्षा में हुई धांधली को लेकर भी एक अलग ECIR दर्ज कर सकती है।

इनपुट: IANS

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News4Social एजुकेशन डेस्क

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