JPSC-JSSC विवाद: छात्रों और सरकार के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत, सत्याग्रह जारी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए शनिवार सुबह एक बार फिर वार्ता होगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए शनिवार सुबह एक बार फिर वार्ता होगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और सरकार द्वारा गठित समिति के बीच यह दूसरे दौर की बातचीत होगी, जो रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सुबह 10:30 बजे होनी है।
यह बैठक शुक्रवार शाम को हुई पहली औपचारिक वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद हो रही है। पहली बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली थी, जिसे छात्र प्रतिनिधियों ने सकारात्मक बताया था, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका था। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।
15 दिनों से जारी है आंदोलन
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन 5 जुलाई से लगातार चल रहा है और उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह अपने 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह आंदोलन 2 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को उजागर करने के बाद शुरू हुआ था। छात्रों के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर भी हैं।
पारदर्शिता और सुधार की मांग
शुक्रवार को हुई पहली वार्ता में छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी थीं। इनमें भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना शामिल है। बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री—चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव—और विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह शामिल हुए थे।
शनिवार की बैठक के लिए छात्र मंच ने 8 लोगों का प्रतिनिधिमंडल तय किया है, जिसमें चंदन कुमार, दीनबंधु मंडल, रविशंकर, प्रेम कुमार, पूजा कुमारी, रामवतार महतो, बिमल कुमार और अमित कुमार शर्मा शामिल हैं।
इनपुट: IANS



