इजराइल-लेबनान बातचीत: सीमा और कैदियों के मुद्दे पर सकारात्मक प्रगति, तनाव अब भी बरकरार
लेबनान और इजराइल के बीच सीमा विवाद और कैदियों की वापसी जैसे अहम मुद्दों पर हुई बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने…
लेबनान और इजराइल के बीच सीमा विवाद और कैदियों की वापसी जैसे अहम मुद्दों पर हुई बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कैबिनेट बैठक में जानकारी दी कि रोम में हुई इस हालिया वार्ता में कुछ विषयों पर बात आगे बढ़ी है।
शुक्रवार को राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में बताया गया कि रोम में हुई तीन दिवसीय वार्ता में चार मुख्य बिंदुओं पर चर्चा केंद्रित रही: युद्धविराम, घरों को गिराने और बुलडोजर चलाने की गतिविधियां, सीमा निर्धारण और कैदियों की वापसी, तथा पायलट क्षेत्रों की पहचान। राष्ट्रपति आउन ने विशेष रूप से सीमा और कैदियों के मुद्दों पर हुई 'सकारात्मक प्रगति' का उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही इस दिशा में व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे।
अमेरिकी मध्यस्थता और संयुक्त राष्ट्र की चिंता
इस बातचीत में अमेरिका एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति आउन के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन युद्धविराम और पायलट क्षेत्रों से जुड़े बाकी मामलों को सुलझाने के लिए काम करेगा। इसी सिलसिले में अमेरिकी जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड आगे की कार्रवाई के लिए जल्द ही बेरूत का दौरा करेंगे। यह बातचीत दोनों सरकारों के बीच सातवें दौर की वार्ता थी, जिसका मकसद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और जून के अंत में वाशिंगटन में हुए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करना है। हालांकि, हिज्बुल्ला इस बातचीत का विरोध करता रहा है।
दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र ने सीमा पर बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएन अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों (UNIFIL) ने इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच सैन्य गतिविधियों में तेजी दर्ज की है।
सीमा पर बढ़ी सैन्य गतिविधियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि UNIFIL ने बुधवार को इजराइल रक्षा बलों (IDF) द्वारा 113 गोले और मिसाइल दागे जाने की घटना दर्ज की, जो 21 जून के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी संख्या है। इसी अवधि में, यूएन को हिज्बुल्ला की तरफ से किसी गोलीबारी की जानकारी नहीं मिली। इसके अलावा, बुधवार को ही हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की 49 घटनाएं भी दर्ज की गईं, जो 23 जून के बाद से सर्वाधिक हैं। सोमवार को आईडीएफ की गश्ती नौकाओं द्वारा समुद्री सीमा रेखा का उल्लंघन कर लेबनानी क्षेत्र में प्रवेश करने की भी सूचना है।
इनपुट: IANS



